बागपत
वेद संपूर्ण मानव जाति के पूर्वजों के धर्म ग्रंथ,आचार्य नरेंद्र।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बड़ौत/बागपत : धनुषकोटि रामेश्वरम से लाल चौक श्रीनगर के लिए चल रही सनातन जागरण राष्ट्र कल्याण वेद यज्ञ यात्रा का यज्ञशाला परिसर बड़ौत मेडिसिटी हॉस्पिटल में जिला आर्य प्रतिनिधि सभा बागपत के द्वारा भव्य स्वागत किया गया।
विभिन्न प्रदेशों से आए आर्य जनों के साथ हजारों लोगों ने मिलकर यज्ञ किया । यजमान डॉक्टर मनीष तोमर , डॉक्टर गीतांजलि तोमर बने।
अंतरराष्ट्रीय वेद प्रचारिणी सभा के अध्यक्ष एवं अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास में प्रथम सांस्कृतिक राजनयिक रहे डॉ मोक्ष राज ने कहां सभी मनुष्यों को वेद पढ़ने का अधिकार है। जागरण यात्रा के संयोजक आचार्य नरेंद्र ने कहा वेद संपूर्ण मानव जाति के पूर्वजों के धर्म ग्रंथ रहे हैं। तिब्बत और आर्यावर्त की भूमि पर अरबों वर्षों से वेदपाठ और वेदाध्ययन की परंपरा चली आ रही है। वेद किसी एक वर्ग या समुदाय के नहीं है, बल्कि सभी मनुष्यों को वेद पढ़ने और समझने का अधिकार है। हमारा उद्देश्य मानव समाज को एकता के लिए वेद धर्म का प्रचार और विभिन्न प्रकार के पर्यावरणीय मानसिक प्रदूषण के निवारण हेतु यज्ञ का प्रदर्शन है। हैदराबाद से आए वेद भगवान पुस्तक के संपादक कृष्णा रेड्डी ने बताया इस यात्रा में चारों वेदों के कुल 20379 मन्त्रों से आहुतियां दी जाएगी।
आम जन वेदों को देख और पढ़ सकेंगे। कार्यक्रम के दौरान यज्ञशाला के लिए वेद भगवान पुस्तक की एक प्रति डॉक्टर मनीष तोमर को भेट की गई। इस पुस्तक में चारों वेदों के मंत्र संकलित है। अब आमजन यहां आकर वेदों को देख और पढ़ सकेंगे। कार्यक्रम का संचालन करते हुए रवि शास्त्री ने कहा आर्य समाज महर्षि दयानंद सरस्वती के द्वारा वेदों की ओर लौटो के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए हमारा संगठन निरंतर कार्य कर रहा है।। आर्य समाज का उद्देश्य जाति पाति का भेद मिटाना,
युवा पीढ़ी को नशे से मुक्त रखना है। सामाजिक बुराइयों को दूर करना है। जिला आर्य प्रतिनिधि सभा बागपत के अध्यक्ष सुशील राणा ने सभी का आभार प्रकट किया। जागरण यात्रा बड़ौत हाईवे से रोड शो करती हुई दिल्ली की ओर चली गई।इस अवसर पर कपिल आर्य, प्रोफेसर सुरेंद्र पाल आर्य, रामपाल तोमर, राष्ट्र वर्धन मनि, उपेंद्र मुनि, सुरेंद्र ठेकेदार, प्राचार्य अरविंद शास्त्री, आचार्य विनोद, मुकेश विद्यालय अलंकार, अमरपाल आर्य विजय सिंह राठी, नरेंद्र आर्य, सुकरम पाल, प्रधानाचार्य जे पी सिंह,ऋषि पाल आर्य, आरती रानी आदि उपस्थित रहे।



