गोड्डा
होली संपन्न हो गया, लेकिन चुनाव का लेखा-जोखा अब भी जारी
कैसे और कहां पर पिछड़ गये पूर्व नगर अध्यक्ष

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
एक लंबे कार्यकाल के बाद भी चार-पांच वार्ड के वोटर के बीच नहीं बना पाए पैठ
मतदान केंद्र संख्या 1 से 15 तक में अच्छा मत लेकर बनाया बढ़त
मतदान केंद्र संख्या 16 से 19 तक में उन्हें नहीं मिल पाया मतों का ढेर
पांच मतदान केंद्र में पूर्व नगर अध्यक्ष को मिले हैं महज 53 मत
गोड्डा। फिलहाल होली समाप्त हुआ है। लेकिन चुनाव संपन्न होने के बाद भी अब तक प्रत्याशियों को मिले मत के गणना को लेकर शहर के बुद्धिजीवियों के बीच चर्चा बना हुआ है। यहां तक की होली में भी एक दूसरे से मिलने के क्रम में नगर परिषद गोड्डा के रोचक चुनाव पर मीठी मीठी चर्चा करते हुए लोगों ने लजीज व्यंजन का आनंद उठाया है। तो चलिए बताते हैं की चर्चा क्या है। चर्चा इस बात का है कि नगर परिषद गोड्डा के रिजल्ट में प्रथम एवं द्वितीय स्थान का कंपटीशन लोगों ने थोड़ा बहुत समझ लिया है। लेकिन नगर परिषद अध्यक्ष पद के दावेदार जो रेस में रहे और मतदान के पूर्व तक उनसे प्रथम एवं द्वितीय स्थान पर आने वाले प्रत्याशी से लड़ाई आकां जा रहा था, वह है पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष जितेंद्र कुमार उर्फ गुड्डू मंडल। तारीफ की बात तो यह है कि पिछले 5-7 वर्षों के कार्यकाल के दौरान वैट और नगर अध्यक्ष के रूप में उन्होंने अलग-अलग वार्ड में अपने कार्यशैली से जनता के बीच एक अमिट छाप छोड़ी थी। जिनका उन्हें लाभ भी इस चुनाव में मिलता दिखाई दिया है। यह आंकड़े कहते हैं। वोटो के आंकड़े ने उनके नगर परिषद क्षेत्र के 21 वार्ड के अंतर्गत आम व खास के बीच क्या जगह बनाई है। वह दिए गए मत से पता चलता है। इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं है कि उन्हें वार्ड संख्या 1 से 21 तक में जनता जनार्दन का भरपूर प्यार मिला है जो मतों के आंकड़े से खुलासाहोता है। लेकिन इसी मतों के आंकड़े ने उनके हार की गाथा लिख दी है। मसलन के उन्हें 5 वार्ड के जनता ने मत ना के बराबर देकर उन्हें हार के दहलीज पर पहुंचने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। मतों के आंकड़े क्लियर करते हैं कि वार्ड संख्या 16 से 19 तक के मतदाताओं ने मटन का ढेर ना देकर बल्कि इकाई दहाई की संख्या में वोट दिया है। जिससे वह रेस में पिछड़ से गये।
कहां हो गई चुक, क्यों नहीं मिल पाया यहां मत, मिले महज 53 मत
नगर परिषद गोड्डा के काउंटिंग के दौरान खुद पूर्व नगर अध्यक्ष जितेंद्र कुमार उर्फ गुड्डू मंडल मौजूद थे। काउंटिंग के क्रम में हर वार्ड की स्थिति से रूबरू हो रहे थे। कहां हो गई चुक, वह इस बात का मंथन जरूर कर रहे होंगे। आंकड़े बताते हैं कि पांच मतदान केंद्र में पूर्व नगर अध्यक्ष को महज 53 मत ही मिले हैं। इनमें मतदान केंद्र संख्या 16/1 में 6 मत, 16/2 में 2 मत, 17/1 में 20 मत, 18/1 में 7 मत, 18/2 में 4 मत, 19/1 में 14 मत मिले पाया है। दूसरी ओर स्वजातीय वोट के बिखराव के कारण भी उनके हार की वजह बताई जा रही है। क्योंकि उनके स्वजातीय से 2026 के नगर परिषद गोड्डा के चुनाव में कई उम्मीदवार थे।
मतदान केंद्र संख्या 1 से 15 तक मिले बेहतर मत
अब थोड़ा पूर्व नगर अध्यक्ष के ताबड़तोड़ मतों की ओर गौर करें तो पता चलता है कि मतदान केंद्र संख्या एक से 15 तक में उन्हें बेहतर मत मिला है। इस वजह से काउंटिंग के क्रम में रेस में वह आगे पीछे चल रहे थे। इस क्रम में कौन जीतेगा और कौन हारेगा इस बात का खुद प्रत्याशी निष्कर्ष नहीं निकल पा रहे थे। क्योंकि प्रथम एवं द्वितीय स्थान पर रहने वाले उम्मीदवारों को भी यहां बहुत मत मिला है। पूर्व नगर अध्यक्ष को मिले मत के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि मतदान केंद्र संख्या 1/1 में 136 मत, 1/2 में 157 मत, 2/1 में 93, 2/2 में 115 मत, 3/1 में 121 मत, 3/2 में 105 मत, 4/1 में 154 मत, 4/2 में 182 मत, 5/1 में 67 मत, 5/2 में 129 मत, 6/1 में 97 मत, 6/2 में 81मत, 7/1 में 88 मत, 7/2 में 82 मत, 8/1 में 95 मत, 8/2 में 121 मत, 9/1 में 144 मत, 9/2 में 108 मत, 10/1 में 72 मत, 10/2 में 108 मत, 11/1 में 152 मत, 11/2 में 123 मत,12/1 में 185 मत, 13/1 में 93 मत, 13/2 में 62 मत, 14/1 में 67 मत, 14/2 में 178 मत एंव 15/1 में 110 मत मिले हैं। जबकि मतदान केंद्र संख्या 20/1 में 45 मत, 20/2 में 73 मत तथा 21/1 में 177 मत मिले हैं। मालूम हो कि निर्वाचित पदाधिकारी अविनाश पूर्णेन्दु के आधिकारिक तौर पर दिए गए मतों के आंकड़े हैं।
जितेंद्र कुमार को मिले 3573 मत, अब तक चार बार लड़ चुके चुनाव, एक बार जीते, तीन बार हारे
पूर्व नगर अध्यक्ष जितेंद्र कुमार उर्फ गुड्डू मंडल अब तक तीन बार चुनाव लड़ चुके हैं। जिसमें एक बार जीत हासिल किए हैं। दो बार उनकी हार हुई है। तीसरी बार चुनाव लड़ने पर उन्हें जनता ने कुल 3573 मत देकर तीसरे स्थान पर रखा है। दूसरे स्थान पर कामरान अशर्फी 5014 मत लेकर रहे। वहीं, प्रथम स्थान पर सुशील रमानी ने 5265 मत लाकर प्रथम स्थान पर रहे और अध्यक्ष बनने का गौरव प्राप्त किया।
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क्या कहते हैं पूर्व नगर अध्यक्ष
” मुझे बेहतर वोट मिला है। स्वजातीय के वोट में बिखराव होने के कारण हार हुई है। वार्ड संख्या 8 व 9 और 13 एवं 14 में वोट बिखर गया है। पिछले चुनाव में मुझे रिकॉर्ड मत मिला था, वह नहीं मिल पाया।”
-जितेंद्र कुमार उर्फ गुड्डू मंडल, पूर्व नगर अध्यक्ष, नगर परिषद गोड्डा।



