मुरादाबाद
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही बच्चों पर पड़ी भारी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मुरादाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाए जाने का ताजा मामला महानगर के लाइनपार क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय कुंदनपुर से सामने आ रहा है। पिछले 50 सालों से भी ज्यादा समय से रामलीला मैदान के पास संचालित सरकारी स्कूल पर एक सुनियोजित तरीके से कब्जा होकर उसे खाली भी करवा लिया गया ओर मजे की बात यह रही कि इस कार्यवाही की भनक बेसिक शिक्षा अधिकारी ओर खंड शिक्षा अधिकारी को तब हुई जब क्षेत्र के लोगों ने स्कूल पर कब्जे का विरोध किया और वहां हंगामा हुआ। इसके बाद बीएसए और खंड शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे मगर स्कूल खाली करवाने से रोक नहीं पाए। जानकारी के अनुसार रामलीला मैदान स्थित सरकारी बेसिक स्कूल कुंदनपुर ग्राम समाज की जमीन पर बरसों पहले बनवाया गया था और तभी से वहीं संचालित था। मगर कुछ समय पहले स्कूल के निकट रहने वाले वकील दिग्विजय सिंह ने स्कूल की संपति को खुद की बताते हुए मुकदमा दायर किया। जिसमें पहले के अधिकारियों की चुस्ती से मामला खत्म हो गया था। परन्तु पिछले एक वर्ष के दौरान ही दिग्विजय सिंह ने सभी चीजें अपने पक्ष में मैनेज कर ली ओर मुकदमा जीत लिया। जिस पर सरकारी वकील ने कई बार बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर प्रभावी पैरवी करने के लिए लिखा था। मगर बेसिक शिक्षा विभाग के वर्तमान अधिकारियों की लापरवाही और सुस्ती के कारण हाईकोर्ट में भी कोई स्टे नहीं मिल पाने के कारण बेसिक शिक्षा विभाग से एक अच्छा चलता हुआ स्कूल छीन गया ओर 100 से ज्यादा बच्चों की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो गई। इस पूरे मामले की पड़ताल से इस बात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि इसमें बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है।



