बागपत

राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर शिक्षक बुद्धिजीवी संत वृंद (विश्व हिंदू महासंघ भारत) का भव्य आयोजन 

शिक्षा, संस्कृति और मानव चेतना के उत्थान का संदेश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

बागपत। सनातन संस्कृति की रक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रसार तथा मानवीय चेतना के उत्थान के उद्देश्य से शिक्षक बुद्धिजीवी संत वृंद (विश्व हिंदू महासंघ भारत) के सौजन्य से राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के पावन अवसर पर जिला जाट भवन, बागपत में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

यह आयोजन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी कृष्ण विश्रुतपाणी जी महाराज के दिव्य मार्गदर्शन एवं प्रेरणा में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में राजऋषि डॉ. वेद प्रकाश जी उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि —

“शिक्षा केवल ज्ञान का साधन नहीं, बल्कि आत्मबोध और राष्ट्रबोध का माध्यम है। यदि शिक्षा में सनातन मूल्यों का समावेश न हो, तो वह अधूरी है।”

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शिक्षाविद् मास्टर कंवरपाल सिंह जी ने की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखने के लिए संस्कारयुक्त शिक्षा प्रणाली अनिवार्य है।


विशिष्ट अतिथि एवं सम्मान समारोह

संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री चौधरी गजेंद्र सिंह कुंडू ने कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए बताया कि शिक्षक बुद्धिजीवी संत वृंद का उद्देश्य केवल विचार नहीं, बल्कि राष्ट्र पुनर्निर्माण की व्यावहारिक दिशा तय करना है।

इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों से योगदान देने वाली विशिष्ट विभूतियों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सांस्कृतिक अग्रदूतों को सम्मान पत्र एवं शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

साथ ही, संगठन एवं श्री देवालय संघ के नव-मनोनित पदाधिकारियों को मनोयन पत्र प्रदान किए गए।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सुरेंद्र मलानिया प्रजापति को राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी तथा मीनाक्षी नायक को जिला महामंत्री (महिला शक्ति), बागपत के पद पर मनोनीत किया गया।


आगामी अंतर्राष्ट्रीय अधिवेशन की रूपरेखा

कार्यक्रम के दौरान 14 से 16 नवंबर 2025 तक गोरखपुर में आयोजित होने वाले विश्व हिंदू महासंघ भारत के अंतर्राष्ट्रीय अधिवेशन के संबंध में व्यापक विचार-विमर्श किया गया। अधिवेशन में राष्ट्र, समाज, धर्म, शिक्षा एवं संस्कृति के समन्वय पर विभिन्न सत्र आयोजित किए जाने की रूपरेखा तैयार की गई।


कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ

इस अवसर पर अनेक सामाजिक, धार्मिक और शैक्षिक क्षेत्र के गणमान्य जन उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से —
विपुल जैन, अरुण मलिक, राजीव तोमर, मन्नू तोमर, डॉ. मीरा नवल, डॉ. बृजभूषण त्यागी, डॉ. विजयपाल सिंह, दीपक गौतम, एडवोकेट सुभाष तोमर, एडवोकेट अजीत डांगी, समय सिंह, राधेश्याम जी, अमित पवार, रामकुमार शर्मा, अनुज सिंह, सोहनबीर, दिनेश शर्मा, सत्येंद्र सिंह, संजीव कुमार, संजय तोमर, रोहतास खोखर सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, संत, बुद्धिजीवी, युवा और समाजसेवी सम्मिलित हुए।


सारांश

कार्यक्रम का समापन वैदिक मंत्रोच्चार और “भारत माता की जय” के नारों के साथ हुआ।
पूरे आयोजन ने एक स्पष्ट संदेश दिया —

“शिक्षा ही संस्कृति की नींव है, और संस्कृति ही राष्ट्र की आत्मा।”

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