लखनऊ: यूपी रेरा में ‘पारिवारिक’ विवाद, जयश भूसरेड्डी की नियुक्ति आदेश त्रुटि या भूल?

लखनऊ : उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी रेरा) एक बार फिर विवादों के घेरे में है। रेरा अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी के बेटे जयश भूसरेड्डी को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) मामलों की कमेटी में सदस्य बनाए जाने का आदेश जारी होने के बाद भाई-भतीजावाद के आरोपों ने जोर पकड़ा। 17 जुलाई को जारी इस आदेश में संजय भूसरेड्डी के निर्देशों का उल्लेख था, जिसने सवालों को और गहरा किया विवाद बढ़ने पर संजय भूसरेड्डी ने सफाई दी कि जयश का नाम कार्यालय की गलती से जोड़ा गया, जब वह स्वयं शहर से बाहर थे। उन्होंने बताया कि 22 जुलाई को आदेश तत्काल निरस्त कर दिया गया और संबंधित अधिकारी को भविष्य में ऐसी त्रुटियों से बचने की चेतावनी दी गई। यूपी रेरा, जो रियल एस्टेट क्षेत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए स्थापित किया गया था, इस घटना से अपनी साख को लेकर नए सिरे से जांच के दायरे में है। फिलहाल, इस मामले में कोई और आधिकारिक कार्रवाई या जांच की जानकारी सामने नहीं आई है।




