
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मेरठ। उत्तर प्रदेश शासन की जीरो टॉलरेंस टू वर्ड फ्रॉडस्टर्स नीति के तहत अपराध शाखा मेरठ ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब ₹6,99,06,280 (लगभग 6.99 करोड़ रुपये) के जीएसटी फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। इस मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2 लैपटॉप और 4 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक अपराध के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। थाना बहसूमा, मेरठ पर पंजीकृत मुकदमा संख्या 120/2025 में धारा 340(2), 336(3), 338, 318(4), 319(2), 61(2) बीएनएस के तहत जांच की जा रही थी। जांच में सामने आया कि अभियुक्तों ने सुनियोजित ढंग से फर्जी फर्मों का निर्माण कर फर्जी बिलिंग के माध्यम से सरकार को करोड़ों रुपये की राजस्व हानि पहुंचाई। बिना वास्तविक माल अथवा सेवा की आपूर्ति किए फर्जी इनवॉइस तैयार करInput Tax Credit (ITC) का लाभ लिया गया। इसके अतिरिक्त फर्जी आधार और पैन कार्ड के माध्यम से कंपनियों का पंजीकरण कराया गया तथा रिटर्न में कम बिक्री दर्शाकर टैक्स की चोरी की गई।
मुखबिर की सूचना और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर दिनांक 19 फरवरी 2026 को मंडी गोविंदगढ़ (पंजाब) स्थित अमलोह रोड के एक कार्यालय से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान गुरदीप सिंह पुत्र बहादुर सिंह निवासी मंडी गोविंदगढ़, फतेहगढ़ साहिब (पंजाब) तथा धर्मेन्द्र कुमार पुत्र वासुदेव निवासी सेक्टर 24।, मंडी गोविंदगढ़, फतेहगढ़ साहिब (पंजाब) के रूप में हुई है। बरामद सामग्री में HP कंपनी के दो लैपटॉप तथा वीवो व रियलमी कंपनी के चार मोबाइल फोन शामिल हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। पुलिस के अनुसार मामले में अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भी जांच की जा रही है। अपराध शाखा की टीम में निरीक्षक उत्तम सिंह, उप निरीक्षक अनुराग सिंह, उप निरीक्षक मधुरेंद्र सिंह एवं हेड कांस्टेबल सुनील कुमार शामिल रहे। शासन की नीति के तहत आर्थिक अपराधों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


