असम के गोवालपारा जिले में पाइकन आरक्षित वन क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने को लेकर हंगामा। एक की मौत, कई घायल। “
पुलिस और वन विभाग के 15 लोग घायल। "

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो
असम : 12 जुलाई को पाइकन आरक्षित वन क्षेत्र के विद्यापारा, आशुडूबी और बेटबाड़ी इलाकों में वन विभाग और पुलिस बल ने असम सरकार के निर्देश के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। यह अभियान चलाने के छह दिन बाद आज 17 जुलाई गुरुवार को इलाके में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई है। मिली जानकारी के मुताबिक, प्रभावित लोगों को वन विभाग के कर्मियों ने कई बार इलाके को छोड़कर अन्य जगह जाने के लिए कहा था, लेकिन कुछ लोग अपने सामान लाने की बात कहकर वहीं तंबू लगाकर रुक गए। कल बुधवार को जिला प्रशासन के लोगों ने उनके तिरपाल आदि फाड़ दिए और उन्हें वहां से हटने को भी कहा, जिससे माहौल फिर से तनावपूर्ण बन गया। आज सुबह वन विभाग और असम पुलिस के जवान पहुंचे और विद्यापारा जाने वाली मुख्य सड़क के बीच गड्ढा कर रास्ता बंद करने की कोशिश की। इस दौरान प्रभावित पुरुष और महिलाएं पुलिस के साथ बहस करने लगे। धीरे-धीरे दोनों पक्षों में स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण होने लगी। आखिरकार पुलिस द्वारा प्रभावितों पर लाठीचार्ज की नौबत आ गई। इसी स्थिति में प्रभावित लोगों ने हाथों में लाठी-डंडा और पत्थरों से पुलिस पर हमला कर दिया। पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए पहले हवा में फायरिंग की, लेकिन गुस्साए लोग पुलिस और वनकर्मियों पर टूट पड़े, जिसमें पुलिस और वन विभाग के 15 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हमले में कृष्णाई थाने के प्रभारी निरीक्षक कृष्णकाम बर्दलोई और उप पुलिस अधीक्षक अभिलाष बरूआ को भी काफी चोट पहुंची। आखिरकार पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें गोली लगने से मनोवर अली के पुत्र चकुअर अली (19) की मौके पर ही मृत्यु हो गई। वहीं, अमीर हमजा (21) को गोवालपारा के अस्पताल में भर्ती कराया गया और कुसुमुद्दीन अली की गंभीर अवस्था को देखते हुए उसे गुवाहाटी रेफर कर दिया गया है। इस घटना के संबंध में AMSU (अखिल असम मुस्लिम छात्र संघ) के केंद्रीय कमेटी के सह-सामान्य सचिव अनिमुल हक चौधरी ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और जिला वन अधिकारी तेजश स्वामी की गलती को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उनका निलंबन मांग की। आज की तनावपूर्ण स्थिति के बीच, इस क्षेत्र के कुछ असमाजिक तत्वों ने कृष्णाई के पाइकान आरक्षित वन क्षेत्र के विद्यापारा ME स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र को आग के हवाले कर दिया। इसी बीच इस कृत्य में शामिल चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, इनके नाम हैं –
1. हसीनुर अली (20)
2. अब्दुर रहीम (42)
3. जाहिदुल इस्लाम (18)
4. मोहिदुर अली (21)।
इनमें से हसीनुर अली, अब्दुर रहीम और जाहिदुल इस्लाम इस अतिक्रमण वाले इलाका के निवासी नहीं हैं, यह जानकारी पुलिस सूत्रों से मिली है।
आज की घटना के बाद, जिला प्रशासन ने इलाके में कर्फ्यू लागू कर दिया है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 31 जुलाई तक दो पुलिस बलों की तैनाती की है। इसके अलावा, प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि आज के बाद कोई व्यक्ति इलाके और पर्यावरण को बिना कारण नुकसान पहुँचाता है, तो स्थिति और भी भयानक हो सकती है। गौरतलब है कि असम में चल रहे इस अतिक्रमण हटाने के कार्य को असम के लोगों का एक वर्ग सरकार को पुर्ण समर्थन दे रहे हैं ओर दूसरे और लोगों का एक वर्ग इसका विरोध कर इस अतिक्रमण हटाने के कार्य को अमानवीय करार दे रहे हैं।



