
77 बड़े नालों से 14 लाख मैट्रिक टन गाध निकल गई।
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
नई दिल्ली। आने वाले मानसून को देखते हुए दिल्ली सरकार युधिष्ठिर पर कार्यवाही कर रही है जिससे जल भराव की स्थिति उत्पन्न ना हो। इसके चलते दिल्ली सरकार ने 77 बड़े नालों से 14 लाख मीट्रिक टन गाद हटायी दिल्ली सरकार ने इस महीने तक राष्ट्रीय राजधानी में 77 प्रमुख नालों से लगभग 14 लाख मीट्रिक टन गाद हटायी है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 100 दिवसीय कार्ययोजना में मरम्मत के लिए चिन्हित कुल 228 किलोमीटर सड़कों में से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने 29 मई तक 66 किलोमीटर सड़क का काम पूरा कर लिया है। मरम्मत कार्य में सड़कों पर नयी परत चढ़ाना, टूट-फूट को दुरूस्त करना, गड्ढों को भरना और अन्य एजेंसियों द्वारा किये गये तोड़फोड़ को सही करना शामिल है। सड़क मरम्मत का काम लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा मार्च के मध्य से जून के मध्य तक किया जाता है और फिर मानसून के मौसम के कारण यह बंद हो जाता है। लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा, ‘‘हालांकि सड़क और जल क्षेत्र में पुरानी समस्याओं को ठीक करने में कुछ समय लगेगा, लेकिन दिल्ली सरकार ने सत्ता में आने के बाद से शहर की बेहतरी के लिए काम किया है और कुछ उपलब्धियां हासिल की हैं। मानसून के बाद, हम सड़क मरम्मत के दूसरे चरण को शुरू करने की योजना बना रहे हैं, जिसके तहत और 250 किलोमीटर तक सड़कों की पहचान की जाएगी और उनकी मरम्मत की जाएगी।’’ उन्होंने कहा कि जल क्षेत्र में भी हमने जीपीएस लगे पानी के टैंकर शुरू करने और नये बोरवेल चालू करने जैसे कदम उठाए हैं। दिल्ली में पीडब्ल्यूडी 1,400 किलोमीटर तक सड़कों का रखरखाव करता है, जो 60 फुट चौड़ी हैं। इन्हें दिल्ली नगर निगम से विभाग को हस्तांतरित किया गया था। लोगों ने अक्सर खराब गुणवत्ता वाली सड़कों और गड्ढों के बारे में शिकायत की है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने गाद हटाने के काम की समीक्षा की थी। अधिकारियों के अनुसार, 77 बड़े नालों में लगभग 22 लाख मीट्रिक टन गाद जमा होने का अनुमान है, जिसमें से 63 प्रतिशत (14 लाख मीट्रिक टन) को साफ किया जा चुका है। नाले की सफाई व गाध हटाने के दावे पिछली सरकारी भी करती रही हैं ,लेकिन फिर भी दिल्ली को जल भराव से बचाया नहीं जा सका। देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा सरकार मानसून में दिल्ली को जल भराव से कितना बचाने में कामयाब होती है !



