पाकुड़

अभाविप ने जताई कड़ी आपत्ति, JTET में क्षेत्रीय भाषाओं को हटाने को छात्र भविष्य पर बताया हमला

ABVP strongly objects to the removal of regional languages ​​from JTET, calls it an attack on students' future

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। झारखंड में JTET परीक्षा की नई नियमावली से भोजपुरी, मगही, अंगिका और कुड़माली जैसी क्षेत्रीय भाषाओं को हटाने पर अभाविप ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संगठन का कहना है कि यह कदम भाषाई तुष्टिकरण और राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ विश्वासघात है। अभाविप का मानना है कि यह निर्णय राज्य में भाषाई विभाजन की आग भड़काने का सुनियोजित प्रयास है, जो झारखंड की सामाजिक समरसता और एकता को कमजोर करेगा। प्रदेश शिक्षा मंत्री बमभोला उपाध्याय ने कहा कि सरकार अपनी विफलताओं और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ‘बांटो और राज करो’ की नीति अपना रही है। उन्होंने बताया कि संथाल परगना के साहिबगंज, गोड्डा, पाकुड़ और देवघर में अंगिका और कुड़माली भाषाओं के हजारों छात्रों की योग्यता को JTET में अनदेखा किया गया है, जो छात्र वर्ग के अधिकारों के खिलाफ है। जिला जनजातीय कार्य प्रमुख चंदन पहाड़िया ने कहा कि झारखंड का गठन ही राज्य की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को मजबूती देने के लिए हुआ था, लेकिन वर्तमान सरकार विशेष भाषा थोपकर क्षेत्रीय विद्यार्थियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। अभाविप ने सरकार से मांग की है कि वह अपनी हठधर्मी नीति तुरंत वापस ले और सभी स्थानीय भाषाओं को JTET की नई नियमावली में प्राथमिकता के साथ शामिल करे। चेतावनी दी गई कि यदि इन जायज मांगों को नजरअंदाज किया गया तो छात्र शक्ति सड़कों पर उतरकर विरोध जताने को बाध्य होगी।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button