झारखंड के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने यूनाइटेड किंगडम स्थित कोवेंट्री में शहरी नवाचार और सतत शहरी प्रबंधन से जुड़े विभिन्न संस्थानों का किया दौरा
Jharkhand official delegation visits various institutions related to urban innovation and sustainable urban management in Coventry, United Kingdom

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
यूके/रांची। झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार के नेतृत्व में झारखंड प्रतिनिधिमंडल ने यूनाइटेड किंगडम प्रवास के दौरान कोवेंट्री में शहरी नवाचार और सतत शहरी प्रबंधन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थानों का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य ज़ीरो-एमिशन शहरी मॉडल, भविष्य की मोबिलिटी प्रणालियाँ, नवोन्मेषी सार्वजनिक स्थल तथा आधुनिक शहर नियोजन के व्यावहारिक अनुभवों को समझना रहा। प्रतिनिधिमंडल ने Coventry City Council और Coventry University के साथ संवाद कर ज़ीरो-एमिशन सिटी मैनेजमेंट मॉडल, शहरी नवाचार और अकादमिक– प्रशासनिक सहयोग के माध्यम से टिकाऊ शहरों के विकास पर चर्चा की। इन संवादों में नीति, तकनीक और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण को एक साथ लाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधिमंडल ने कोवेंट्री सिटी बस डिपो का दौरा कर ईवी आधारित शहरी परिवहन प्रणालियों में प्रयुक्त प्रमुख तकनीकों और संचालन मॉडल का अध्ययन किया। ज़ीरो-एमिशन बस फ्लीट, स्मार्ट डिपो प्रबंधन और स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन के अनुभवों को झारखंड के शहरों में लागू करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। कोवेंट्री सिटी काउंसिल द्वारा प्रस्तुतियों के माध्यम से शहरी मोबिलिटी में नवाचार, भविष्य की परिवहन प्रणालियाँ, शहर नियोजन एवं प्रबंधन, सार्वजनिक स्थलों का विकास तथा Coventry Very Light Rail (VLR) जैसी उन्नत तकनीकों पर विस्तृत चर्चा हुई। VLR को किफ़ायती, टिकाऊ और नागरिक-अनुकूल शहरी परिवहन समाधान के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो आधुनिक शहरों के लिए एक प्रभावी मॉडल है। मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि कोवेंट्री का अनुभव झारखंड के शहरों को स्वच्छ, स्मार्ट और भविष्य-तैयार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सीख प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि इन अंतरराष्ट्रीय अनुभवों के आधार पर झारखंड में शहरी मोबिलिटी, सार्वजनिक परिवहन, शहर नियोजन और सार्वजनिक स्थलों के विकास के लिए नवोन्मेषी और व्यावहारिक समाधान अपनाए जाएंगे। यह दौरा झारखंड के शहरी विकास को सतत, तकनीक-सक्षम और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


