राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन गोड्डा के तत्वाधान में निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग पर की गई कार्यक्रम
Program on abuse of prohibited drugs was organized under the aegis of National Urban Health Mission, Godda
नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
गोड्डा एवं उत्क्रमित उच्च विद्यालय गोढ़ी घाट गोड्डा में स्कूल प्रबंधन एवं बच्चों के साथ मादक पदार्थों के रोक थाम हेतु टॉक शो एवं जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। जिसमें ए एन एम आराधना कुमारी ने बताया कि नशा का सेवन मजदूरों, गरीबों, युवाओं का सबसे बड़ा शत्रु है। प्रतिदिन कमाने वाला मजदूर शराब , तम्बाकू, बीड़ी, सिगरेट पर प्रतिदिन खर्च करता है। तीन-चार साल में गंभीर बीमारियों की चपेट में लोग आ जाते हैं। फेंफड़ों में टीबी, मुंह, गला, लीवर का कैंसर एवं पीलिया जैसी घातक बीमारियों हो जाती हैं। उसके इलाज पर लगभग सात से आठ लाख रूपया खर्च आता है और अंतत: उसकी मृत्यु हो जाती है। किशोर मादक पदार्थों के सेवन के प्रभावों के प्रति संवेदनशील होते हैं और यदि वे किशोरावस्था के दौरान नियमित रूप से अल्कोहल, कैनाबिस (भांग), निकोटीन या अन्य पदार्थों का सेवन करते हैं, तो उनमें मानसिक स्वास्थ्य विकार, स्कूल में कम उपलब्धि, वयस्कता में खराब कामकाज और नशे की लत की उच्च दर जैसे दीर्घकालिक परिणाम विकसित होने का जोखिम बढ़ जाता है।कई समाजों में, किशोरों के लिए जोखिम लेने और रोमांच की तलाश करने की सामान्य विकासात्मक आवश्यकता को पूरा करने के लिए मादक पदार्थों का सेवन एक आसान तरीका है। इसमें हैरानी की बात नहीं है कि बड़े होने पर किशोरों में मादक द्रव्यों का सेवन आम होगा और कई किशोर हाई स्कूल ग्रेजुएट होने से पहले अल्कोहल का सेवन करेंगे।मादक द्रव्यों का बार-बार या लगातार इस्तेमाल बहुत कम आम है, लेकिन कभी-कभी मादक द्रव्यों का इस्तेमाल में भी जोखिम होता है और इसे वयस्कों को इसे हल्के में लेना या अनदेखा नहीं करना चाहिए और न ही इसके लिए अनुमति देनी चाहिए। कुछ किशोर जो अल्कोहल पीते हैं, उनमें अल्कोहल के इस्तेमाल संबंधित विकार पैदा हो सकते हैं। किसी विकार के पैदा होने के जोखिम कारकों में छोटी उम्र से ही शराब पीना शुरू करना और आनुवंशिकी शामिल है। जिन किशोरों के परिवार का कोई सदस्य अल्कोहल उपयोग विकार से पीड़ित है, उन्हें मादक पदार्थ उपयोग विकार विकसित होने के उनके बढ़ते जोखिम के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए और स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर से परामर्श और सहायता प्राप्त करनी चाहिए अर्बन कम्यूनिटी फेसिलिटेटर बेबी कुमारी ने बताया कि18 वर्ष से कम आयु को मादक नशीले पदार्थों की बिक्री गैरकानूनी है शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के क्षेत्रफल में मादक पदार्थों की बिक्री गैरकानूनी है। मादक नशीले पदार्थों की खरीद बिक्री करना अपराध है नशीले पदार्थों की गैर कानूनी तरीके से खेती दंडनीय अपराध है। नशीले पदार्थों का उत्पादन, भंडारण, बिक्री परिवहन या उपयोग दंडनीय अपराध है। कठोर सजा का प्रावधान है 20 वर्ष तक की हो सकती है सजा दो लाख या इससे अधिक का हो सकता है जुर्माना कुछ मामलों में मृत्युदंड भी दिया जा सकता है।मादक पदार्थ अफीम की खेती से जुड़ी कोई भी सूचना टोल फ्री नंबर 112 पर दीजिए ड्रग्स के कारोबार को रोकने के लिए प्रशासन का साथ दीजिए। आपके द्वारा दी गई जानकारी पर त्वरित कार्रवाई होगी आपकी पहचान गुप्त रखी जायेगी। इस मौके पर अर्बन हेल्थ गोड्डा के आराधना कुमारी, मीरा कुमारी, जुली कुमारी, रीना कुमारी, जयमाला कुमारी,UCF प्रहलाद कुमार ,बेबी कुमारी सहिया साथी ललिता सोरेन, सहिया किरण कुमारी उपस्थित थे।



