
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
महागामा। मोंथा चक्रवात की तबाही ने जिले के मेहनतकश किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है।तीन दिनों से लगातार बारिश और तेज हवाओं से जिले के कई इलाकों में धान और मक्का जैसी खरीफ फसलें बर्बाद हो गई हैं। खेतों में पककर तैयार फसलें गिर पड़ी हैं और सड़ने लगी हैं। किसान मायूस हैं। क्योंकि उनकी महीनों की मेहनत अब बर्बाद होती दिख रही है। इस गंभीर हालात को देखते हुए ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के दुख-दर्द के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की से निरंतर संपर्क में रहकर प्रभावित किसानों को राहत और मुआवजा दिलाने पर चर्चा की गई है। दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है। इस मुद्दे को कैबिनेट की अगली बैठक में प्रमुखता से रखा जाएगा ताकि प्रभावित किसानों को शीघ्र सहायता और मुआवजा मिल सके। उन्होंने बताया कि जिले में फसल क्षति का सटीक और पारदर्शी आकलन कराया जा रहा है। जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि हर पंचायत स्तर पर सर्वे कर रिपोर्ट शीघ्र भेजी जाए। मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है, कोई भी किसान इस आपदा में असहाय महसूस ना करे।



