खैरथल

जिले के प्रभारी मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने वृक्षारोपण महाअभियान की शुरूआत 

मिलावट-खोरों पर कड़ी कारवाही के दिए निर्देश 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
खैरथल :हरियालो राजस्थान अभियान के तहत शनिवार को मंडी परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पौधारोपण कर अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इस अवसर पर मियावाकी पद्धति से 1100 पौधे लगाए गए।
मंत्री डॉ. मीणा ने कहा कि “जल है तो कल है, वृक्ष हैं तो जीवन है” केवल नारा नहीं बल्कि जीवन का आधार है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की मंशा है कि राजस्थान को हरित प्रदेश के रूप में विकसित किया जाए, इसी उद्देश्य से मिशन हरियालो राजस्थान की शुरुआत की गई है। इस वर्ष जिले में 15 लाख पौधे लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित है।
इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना के अंतर्गत लाभार्थी सुमन देवी को ₹2 लाख तथा मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत रमन देवी को ₹10,000 की सहायता राशि का चेक भी प्रदान किया। सुमन देवी के पति की खेत में करंट लगने से मृत्यु हो गई थी।
कार्यक्रम में जिला कलेक्टर किशोर कुमार, पुलिस अधीक्षक प्रशांत किरण, नगर परिषद सभापति हरीश रोघा, जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। पूर्व विधायक रामहेत सिंह यादव ने भी पर्यावरण सरंक्षण के लिए आमजन से अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।
मंत्री डॉ. मीणा ने जानकारी दी कि हरियाली तीज (27 जुलाई) के अवसर पर जिले में 3.30 लाख पौधे लगाए जाएंगे। विशेष रूप से भिवाड़ी नगर वन ‘ए’ में मियावाकी पद्धति से 50,000 पौधे लगाए जाएंगे, जहाँ वन महोत्सव का आयोजन भी किया जाएगा।
इसके पश्चात प्रभारी मंत्री ने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर फ्लैगशिप योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों एवं विभागीय उपलब्धियों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने “शुद्ध आहार – मिलावट पर वार” अभियान की रिपोर्ट ली और दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंत्री ने “जल जीवन मिशन” के तहत खुदाई के बाद समय पर सड़क मरम्मत नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए ठेकेदारों पर कार्यवाही के आदेश दिए। साथ ही जर्जर भवनों की मरम्मत और ध्वस्तीकरण को लेकर भी निर्देश दिए गए।
मीडिया से बातचीत में मंत्री ने पिछले डेढ़ वर्ष में राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि “वंदे गंगा अभियान” और “पंडित दीनदयाल संबल पखवाड़ा” ने जनभागीदारी की मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील प्रशासन सुनिश्चित करना

 

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