असम के तिनसुकिया में जनजातीय दर्जे और मजदूरी वृद्धि की मांग पर लाखों चाय श्रमिकों का सड़क पर प्रदर्शन
चेतावनी – जल्द मांगें न मानी तो आंदोलन होगा उग्र।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम : जनजातीय दर्जा, मजदूरी वृद्धि और जमीन का पट्टा जैसी अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर बुधवार को असम के तिनसुकिया जिले में करीब एक लाख चाय श्रमिक अपने अपने काम को छोड़कर सड़क पर उतर आए। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के तिनसुकिया दौरे के कुछ ही समय बाद यह विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले लिया। सदौ असम चाय जनजाति सभा, आदिवासी छात्र संघ, चाय श्रमिक संघ समेत कई संगठनों ने संयुक्त रूप से विशाल जनसभा कर मुख्य सड़क को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था, “हमने बार-बार सरकार को अपनी मांगों और अधिकारों के बारे में बताया है। पहले भी उन्होंने वायदा किया था कि हमारी सभी मांगें पूरी की जाएंगी, लेकिन अब तक सरकार उन्हें लागू करने में विफल रही है। सरकार हमारे मुद्दों को नज़रअंदाज़ क्यों कर रही है? वे सिर्फ चुनाव के समय हमें वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करते हैं और जीतने के बाद अपने वायदों को भूल जाते हैं।”प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे ऐसे ही विरोध जारी रखेंगे। इससे पहले चाय जनजाति और आदिवासी संगठनों ने भाजपा नेतृत्व वाली असम सरकार और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को चेतावनी दी थी कि यदि उनकी वर्षों पुरानी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे व्यापक और उग्र आंदोलन करेंगे। आंदोलनकारी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने यह चेतावनी सुनने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके परिणामस्वरूप यह विशाल आंदोलन खड़ा हुआ है।



