
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली। गंगा एक्सप्रेसवे ने बदायूं और शाहजहांपुर के किसानों की आर्थिक तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। जहां कभी खेतों की जमीन सीमित कीमत पर बिकती थी, वहीं अब एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित औद्योगिक गलियारों के चलते जमीन के दाम चार से पांच गुना तक बढ़ गए हैं। बरेली के भमोरा में 1000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर औद्योगिक गलियारे की योजना ने आसपास के गांवों को निवेश के केंद्र में ला दिया है। एक्सप्रेसवे से नजदीकी वाले गांवों भमोरा, पखुर्न, कुड्ढा, मकरंदपुर ताराचंद, भीकमपुर और हजरतपुर में कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल आया है। वहीं दूसरी ओर गांवों के आसपास टाउनशिप, स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाएं विकसित होने की उम्मीद भी बढ़ने लगी हैं। बदायूं, बरेली और शाहजहांपुर के गांव अब सिर्फ उत्पादन केंद्र नहीं रहेंगे, बल्कि सीधे बाजार से जुड़ते हुए लोकल टू ग्लोबल सप्लाई चेन का हिस्सा बनते दिख रहे हैं। गंगा एक्सप्रेसवे के आसपास विकसित हो रहे लॉजिस्टिक हब, वेयरहाउस और औद्योगिक इकाइयों के कारण किसानों को अब अपनी उपज बेचने के लिए दूर शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
बरेली-मथुरा हाईवे का काम पूरा होने का इंतजार
बरेली-मथुरा हाईवे के चौड़ीकरण के साथ भमोरा-देवचरा बाइपास का निर्माण चल रहा है। देवचरा-दातागंज और भमोरा-आंवला मार्ग पर फ्लाईओवर भी बनाए जा रहे हैं। बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे का काम पूरा होने के बाद गंगा एक्सप्रेस-वे से बरेली सीधे कनेक्ट हो जाएगा। इसके बाद विकास का पहिया घूमेगा और रोजगार के हजारों अवसर पैदा होंगे।
भमोरा क्षेत्र में विकसित किया जाएगा औद्योगिक गलियारा
बरेली के आंवला तहसील क्षेत्र के भमोरा में औद्योगिक गलियारे की तैयारी है। यहां इसके लिए भूमि चिह्नित भी कर ली गई है। हाल ही में यूपीडा के अफसरों ने इसका निरीक्षण कर इसे हरी झंडी दे दी है मतलब, यह जमीन औद्योगिक गलियारे के लिए मुफीद मानी गई है। अब निवेशकों ने इसमें रुचि दिखानी शुरू कर दी है।



