अमरोहा
श्रीमद् भागवत कथा में सुनाया ज्ञान और वैराग्य का प्रसंग।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमरोहा हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव नवापुर सोहरका में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन कथा वाचक द्वारा ज्ञान व वैराग्य का प्रसंग सुनाया गया, भक्त प्रसंग सुन भाव विभोर हो गए।कोतवाली क्षेत्र के गांव नवापुर में स्थित श्री जाहरवीर मंदिर पर ग्रामीणों के द्वारा सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है, श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन कथा वाचक श्री परदेसी शास्त्री हयात नगर के द्वारा ज्ञान और वैराग्य की कथा में महापुराण की महिमा का रसपान कराया। शास्त्री जी बताया कि श्रीमद् भागवत महापुराण भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और तत्वबोध से भरा हुआ है। इस महापुराण के महात्म्य की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें तीन मुख्य संवाद, नारद और भक्ति संवाद, सनत कुमार और नारद संवाद व गोकर्ण और धुंधकारी संवाद के माध्यम से इसकी महिमा का विस्तार किया गया है।शास्त्री जी ने बताया कि पहले संवाद में अर्पण की कथा, दूसरे में समर्पण की कथा और तीसरे में तर्पण की कथा है। श्रीमद् भागवत महापुराण के अनुसार जो कार्य समाज के लिए किया जाए वह अर्पण है, जो भगवान के लिए किया जाए वह समर्पण है और जो पितरों के लिए किया जाए वह तर्पण कहलाता है। उन्होंने कहा कि जीवन में सत्य का ध्यान करना ही सबसे महत्वपूर्ण है, और यही सत्य भगवान कृष्ण का स्वरूप है। कथा के दौरान शास्त्री जी ने भागवत की मंगलाचरण की चर्चा की, जिसमें भगवान वेदव्यास द्वारा सत्य का ध्यान किया गया है। उन्होंने श्रोताओं को भगवान के 24 अवतारों की कथा से भी परिचित कराया, जिसमें गायत्री मंत्र के 24 अक्षरों के आधार पर भागवत महापुराण की व्याख्या की गई है। ज्ञान और वैराग्य की कथा सुन भक्ति भाव विभोर हो गए। इस मौके पर अजय राणा ,बबलु राणा ,राजवीर राणा, लालमन राणा, रोहतास राणा, बाबूराम सिंह, हरि सिंह ,जयवीर, सतीश, रमेश, डॉक्टर राजेंद्र सिंह, लाल सिंह ,राजकुमार आदि मौजूद रहे।



