कांग्रेस महिला आरक्षण बिल का समर्थन करती है, पर तहकीकात भी जरूरी
Congress supports the Women's Reservation Bill, but investigation is also necessary.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़ स्थित कांग्रेस कार्यालय में सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला अध्यक्ष श्रीकुमार सरकार, जिला परिषद सदस्य मंजुला हसदा व महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष शाहनाज बेगम ने महिला आरक्षण बिल पर अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया। प्रेस वार्ता के दौरान नेताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण बिल का स्वागत करती है, लेकिन इसके क्रियान्वयन को लेकर कुछ महत्वपूर्ण शर्तें और सुझाव भी रखती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान संसद की 543 सीटों पर सीधे 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना एक विकल्प है, जिसका कांग्रेस समर्थन करती है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोर दिया कि यदि सरकार जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद नए आंकड़ों के आधार पर आरक्षण लागू करती है, तो यह अधिक प्रभावी और न्यायसंगत होगा। उनका मानना है कि जनगणना के बाद सीटों की संख्या बढ़ाकर लगभग 850 तक की जा सकती है, जिसके बाद 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना अधिक संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेगा। नेताओं ने कहा कि यदि केन्द्र सरकार इस दिशा में कदम नहीं उठाती है, तो वर्तमान सीटों पर ही 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाना चाहिए। कांग्रेस इस विकल्प का भी समर्थन करती है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि अनावश्यक बयानबाजी के बजाय सभी दलों को महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर गंभीरता से काम करना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने दोहराया कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण बिल के पक्ष में है, लेकिन उनकी मांग है कि इसे लागू करते समय गरिमा, संतुलन और व्यापक प्रतिनिधित्व का ध्यान रखा जाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक विकासशील सोच वाली पार्टी है और महिलाओं को समान भागीदारी दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान कांग्रेस के वरीय पदाधिकारी सेमीनूल इस्लाम एवं सोशल मीडिया चैयरमैन पियारुल इसलाम अन्य उपस्थित थे।



