जयपुर
लेखक व पत्रकार धर्मपाल गाँधी का जयपुर में किया सम्मान

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
जयपुर। राजस्थान दर्शन मीडिया ग्रुप की ओर से पाथेकन भवन मालवीय नगर जयपुर में आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने पर झुंझुनूं जिले के ब्यूरो चीफ धर्मपाल गाँधी को सम्मानित किया। इस अवसर पर उप सरपंच राकेश कुमार मनीठिया भी मौजूद रहे। यह कार्यक्रम राजस्थान दर्शन मीडिया परिवार की ओर से आयोजित किया गया था, जिसमें संपादक कमलेश सिंह चूड़ावत और लगभग सभी जिलों के ब्यूरो चीफ व अन्य मीडियाकर्मियों ने भाग लिया। राजस्थान दर्शन के संपादक कमलेश सिंह को जन्मदिन पर लेखक धर्मपाल गाँधी द्वारा लिखित पुस्तक ‘क्रांति का आगाज़’ और ‘आजादी की राहों में’ भेंट की। धर्मपाल गाँधी काफी लंबे समय से स्वतंत्र व सकारात्मक पत्रकारिता कर रहे हैं। राजस्थान दर्शन दैनिक समाचार पत्र में पहले संवाददाता और अब ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके अलावा भी धर्मपाल गाँधी कई पत्र-पत्रिकाओं के लिए नियमित आलेख लिखते रहते हैं। धर्मपाल गाँधी एक अच्छे पत्रकार होने के साथ एक क्रांतिकारी लेखक भी हैं और समाज सेवा के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। काफी लंबे समय से स्वतंत्रता संग्राम पर शोध कर रहे हैं और स्वाधीनता आंदोलन पर चार पुस्तकें लिख चुके हैं। ‘हिन्द की क्रांतिकारी बेटियाँ’, ‘आजादी के दीवाने’ व ‘क्रांति का आगाज़’ और ‘आज़ादी की राहों में’ चार पुस्तक लेखक धर्मपाल गाँधी की प्रकाशित हो चुकी हैं। सभी पुस्तकें अमेजॉन पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं। ब्यूरो चीफ के रूप में सम्मानित होने के बाद धर्मपाल गाँधी ने कहा- देश हित में पत्रकारिता का अर्थ है सच्चाई और निष्पक्षता के साथ समाज और राष्ट्र की सेवा करना, जिसमें लोकहितकारी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना, सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुँचाना, जनमानस की समस्याओं को प्रशासन तक पहुँचाना और लोगों में जागरूकता पैदा करके देश की समस्याओं का हल निकालना। इसके अलावा सामाजिक बुराइयों, कुप्रबंधन और सत्ता के दुरुपयोग जैसे मुद्दों को उजागर करना ताकि समाज में सुधार लाया जा सके। वर्तमान में भारतीय पत्रकारिता सरकारी गजट या नोटिफ़िकेशन बनकर रह गई है। लगभग सभी मिडिया संस्थान और चैनल दिन रात सरकार का गुणगान करते हैं। इक्कीसवीं सदी में दुनिया विज्ञान और टेक्नोलॉजी पर बात कर रही है, परन्तु भारतीय मीडिया धर्म, जातिवाद, मन्दिर मस्जिद की तथाकथित राजनीति से आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। इस तरह की पत्रकारिता भारतीय समाज में अन्धविश्वास, धार्मिक उन्माद, सामाजिक विघटन ही पैदा करेगी। उत्कृष्ट पत्रकारिता सत्य, सटीकता, नैतिकता, स्वतंत्रता और सार्वजनिक हित पर आधारित होती है। इसमें तथ्यों का गहन अनुसंधान, विभिन्न दृष्टिकोणों का आकलन, सार्वजनिक संवाद को आकार देने वाला उच्च-गुणवत्ता वाला और जोखिम लेने वाला कवरेज शामिल होता है, जो समाज को सूचित करता है और उसे प्रेरित करता है। उत्कृष्ट पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य जनहित को सर्वोपरि रखना होता है और यह समाज की भलाई के लिए जरूरी है।


