असम

असम सिविल सेवा अधिकारी नूपुर बोरा के घर से बरामद करीब 2 करोड़ रुपये नकद, 

हीरे की अंगूठी और सोने के गहने। 

 नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 

असम  : असम सिविल सेवा की अधिकारी नूपुर बोरा की खबर ने इस समय पूरे असम में सनसनी फैला दी है। गुवाहाटी और बारपेटा स्थित उनके दो घरों से लगभग दो करोड़ रुपये नकद, सोने के आभूषण और हीरे की अंगूठियां बरामद होने के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री के विशेष निगरानी सेल ने उन्हें गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार, इस छापेमारी के दौरान गुवाहाटी स्थित नूपुर के घर से 92 लाख रुपये नकद और करीब 1 करोड़ रुपये के गहने जब्त किए गए। वहीं बरपेटा के किराए के मकान से अतिरिक्त 10 लाख रुपये नकद बरामद हुए। बता दें कि 88 नूपुर बोरा ने वर्ष 2019 में असम असैनिक सेवा (ACS) में प्रवेश किया था। इससे पहले वे जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) में प्रवक्ता के रूप में कार्यरत थीं। मार्च 2019 से उनका प्रशासनिक जीवन शुरू हुआ। उन्होंने सबसे पहले कार्बी आंगलोंग जिले में सहायक आयुक्त के रूप में सेवा की। जून 2023 तक यह दायित्व निभाने के बाद उनका तबादला बरपेटा जिले में चक्र अधिकारी के पद पर किया गया। इसके बाद उन्हें कामरूप जिले में स्थानांतरित किया गया। वर्तमान में वे कामरूप जिले के गोरैमरी में चक्र अधिकारी के पद पर कार्यरत थीं।आरोप है कि सिर्फ छह वर्षों की सरकारी सेवा में ही नूपुर बोरा भारी संपत्ति की मालकिन बन गईं। उनकी आय सरकारी वेतन की तुलना में असामान्य दर से बढ़ी है। भूमि, नकद और अन्य संपत्तियों के अधिग्रहण को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की विशेष निगरानी शाखा ने नूपुर बोरा के करीबी सहयोगी माने जाने वाले बरपेटा राजस्व चक्र कार्यालय के कर्मचारी सुरजित डेका के घर भी तलाशी लिया। आरोप है कि बरपेटा में चक्र अधिकारी रहते हुए नूपुर बोरा की मदद से उन्होंने कई स्थानों पर भूमि खरीदी थी।
इस संदर्भ में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि नूपुर बोरा पर छह महीनों से निगरानी रखी जा रही थी। उन पर विवादित भूमि मामलों में संलिप्त होने का आरोप है। पूरे मामले की जांच फिलहाल चल रही है और आशंका है कि इसमें और भी कई लोग शामिल हो सकते हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने यह भी कहा कि विभाग को लगातार नूपुर बोरा के खिलाफ भूमि बिक्री से संबंधित शिकायतें मिलती रही हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि बरपेटा जिले में चक्र अधिकारी के रूप में कार्य करते समय नूपुर बोराह पर “मियां” कहे जाने वाले अवैध प्रवासियों के नाम पर सरकारी और सत्र (धार्मिक ट्रस्ट से जुड़ी) भूमि अवैध तरीके से पंजीकृत करने का भी आरोप लगा था।नूपुर बोरा के खिलाफ सोमवार सुबह से शुरू हुई तलाशी अभियान अब भी जारी है।

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