
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
अमेठी। मुंशीगंज कस्बा स्थित संजय गांधी अस्पताल गांधी परिवार के द्वारा संचालित होता है। बुधवार को एक बार फिर संजय गांधी अस्पताल विवादों से घिरा प्रकाश में आया। हार्ट के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई।मौत की जानकारी मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और हंगामा करते हुए ऑपरेशन थिएटर के बाहर जमकर तोड़फोड़ की। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के अलावा कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची है और मृतक के परिजनों से बात कर रही है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने युवक की मौत के बाद भी कई लाख रुपए वसूल लिए।
दरअसल यह पूरा मामला अमेठी के मुंशीगंज में स्थित संजय गांधी अस्पताल का है।जहां गौरीगंज थाना क्षेत्र के बलभद्रपुर गांव के रहने वाले 18 वर्षीय कपिल पुत्र काशी प्रसाद को इलाज के लिए 19 सितंबर को भर्ती कराया गया था। अस्पताल ने उसका दो दिन बाद ऑपरेशन किया, जहां बुधवार शाम उसकी मौत हो गई। मौत की जानकारी मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और ऑपरेशन थिएटर में ही तोड़फोड़ करने लगे।मामले की जानकारी मिलते ही मुंशीगंज गौरीगंज और महिला थाने की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और किसी तरह से मामले को शांत कराया।
परिजनों के मुताबिक, 19 तारीख को भर्ती कराया गया और दो दिन बाद उसका ऑपरेशन किया गया. ऑपरेशन के बाद से उसकी हालत खराब हो गई और जब हम लोगों ने उसे देखा तो उसकी जीभ बाहर आ गई थी लेकिन डॉक्टरों द्वारा आश्वासन दिया गया कि उसका ऑपरेशन हुआ है. हालत खतरे से मरीज का इलाज डॉक्टर सचिन की देखरेख में डॉक्टर अजय कौर ने किया था। इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड से 265000 और ढाई लाख रुपए नगद उनसे वसूले गए।
मरीज को देखने के ऐसा लगा कि मरीज की पहले ही मौत हो गई है। लेकिन डॉक्टर इलाज के नाम पर पैसे वसूलते रहे। मृतक कपिल को हाट की दिक्कत थी। और उसका पिछले कई महीनो से इलाज चल रहा था।



