गाजियाबाद
लोनी क्षेत्र की वन भूमि पर अतिक्रमण और प्रदूषण का संकट
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
लोनी : लोनी नगर पालिका परिषद क्षेत्र के ग्राम अहमदनगर नवादा स्थित लगभग 43-43.69 हेक्टेयर वन विभाग की भूमि पर अतिक्रमण, प्रदूषण और प्रशासनिक उदासीनता के आरोप सामने आए हैं। इस सम्बन्ध में स्थानीय नागरिकों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी गाजियाबाद से मिलकर इस मामले की जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
जिलाधिकारी गाजियाबाद को सौंपे अपने पत्र में लोनी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार एडवोकेट ने उल्लेख किया है कि उक्त भूमि वन विभाग के अधीन है और यहां प्राकृतिक रूप से विकसित वृक्ष क्षेत्र भी मौजूद है। जिला प्रशासन ने वर्ष 2020 में इस क्षेत्र को सिटी फॉरेस्ट के रूप में विकसित करने की योजना भी सरकार को प्रस्तावित की थी, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्र की वायु गुणवत्ता में सुधार करना था। हालांकि, अब तक इस योजना का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं हो सका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका परिषद द्वारा नालों का दूषित पानी वन क्षेत्र में छोड़ा जा रहा है, जिस कारण इस क्षेत्र में स्थित पेड़-पौधों को नुकसान पहुंच रहा है। इसके अलावा, क्षेत्र में कचरा डंपिंग की भी शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जो स्थानीय लोगों के लिए प्रदूषण की स्थिति को और जटिल बना रही हैं।
वहीं स्थानीय नागरिकों ने वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण की घटनाओं को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की है। लोगों का कहना है कि सीमांकन और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में इस भूमि पर अवैध कब्जे होने की आशंका जताई है स्थानीय नागरिकों
ने जिलाधिकारी से मांग की है कि वन क्षेत्र की भूमि का सीमांकन कराकर अवैध कब्जों को तुरंत हटाया जाए, नगरपालिका द्वारा इस क्षेत्र में छोड़े जा रहे प्रदूषित पानी के प्रवाह को तत्काल रोका जाए तथा अधर में लटकी सिटी फॉरेस्ट योजना को शीघ्र लागू किया जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों की इस मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की भी अपील की गई है।

