गाजियाबाद
वार्ड-33 में गंदगी से त्रस्त लोगों ने बनाया व्हाट्सएप ग्रुप
फोटो साझा कर जनप्रतिनिधियों व प्रशासन से लगा रहे गुहार

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद। नगरपालिका परिषद लोनी के वार्ड संख्या-33 में लगातार बढ़ती गंदगी, जलभराव और सफाई व्यवस्था की बदहाली से परेशान स्थानीय लोगों ने अब अपनी आवाज़ उठाने का नया तरीका अपनाया है। क्षेत्र के नागरिकों ने एक डी एल एफ की गंदगी नामक व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर अपने मोहल्लों में लगे कूड़े के ढेर, जलभराव और सफाई संबंधी समस्याओं की तस्वीरें साझा करनी शुरू कर दी हैं। इन तस्वीरों के माध्यम से स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की जा रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा नियुक्त सफाई कंपनी टेंडर की शर्तों और नियमों के अनुरूप कार्य करती दिखाई नहीं दे रही है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कंपनी के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों का कहना है कि आखिर किन कारणों से अधिकारियों द्वारा सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाली कंपनी पर कार्रवाई से बचा जा रहा है, इसका जवाब प्रशासन ही दे सकता है।
निवासियों का कहना है कि वार्ड में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं, नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से जलभराव की समस्या बनी रहती है और बरसात के दौरान हालात और भी खराब हो जाते हैं। इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है तथा लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है।
दूसरी ओर अन्य वार्डों के निवासियों पवन सैन, अंकित, अनुज नैन और शिव ओम शर्मा ने भी सफाई व्यवस्था की बदहाली के लिए नगरपालिका के अधिकारियों और सफाई कंपनी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा वार्ड में नियमित सफाई, जलनिकासी और कूड़ा उठान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि सफाई व्यवस्था प्रभावित होने का एक बड़ा कारण पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मचारियों का न होना, सफाई वाहनों और आवश्यक उपकरणों की कमी भी है। इसके अलावा आगामी कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी कांवड़ मार्ग पर लगाए जाने की संभावना है। ऐसे में वार्डों से कर्मचारियों को हटाकर कांवड़ मार्ग पर तैनात किया जाएगा, जिससे पहले से बदहाल सफाई व्यवस्था और अधिक प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे सामूहिक रूप से जिला प्रशासन और नगर पालिका के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों ने मांग की है कि सफाई कंपनी के कार्यों की टेंडर की शर्तों के अनुरूप जांच कराई जाए तथा वार्डों में पर्याप्त सफाई कर्मचारी, वाहन और उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, ताकि नागरिकों को गंदगी और जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।


