शोध लेखन में दक्षता बढ़ाने पर पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम सम्पन्न

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मेरठ। मेरठ बिजनेस स्कूल, एमआईटी के बीबीए विभाग द्वारा 12 से 16 जनवरी 2026 तक “रिसर्च राइटिंग टूल्स एंड टेक्नीक्स” विषय पर पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का सफल आयोजन किया गया। इस एफडीपी में देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से लगभग 35 प्रतिभागियों ने ऑफलाइन तथा 125 से अधिक प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया, जबकि नाइजीरिया के दो प्रोफेसरों की सहभागिता ने कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के निदेशक महोदय एवं प्राचार्य महोदय द्वारा प्रेरणादायी उद्बोधन के साथ किया गया। इस अवसर पर बीबीए विभागाध्यक्ष सुश्री हिमानी मिश्रा ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया। एफडीपी के समन्वयक डॉ. अंकुर गोयल (डीन मैनेजमेंट) एवं सुश्री हिमानी मिश्रा (एचओडी-बीबीए) रहे। बीबीए विभाग के समस्त संकाय सदस्यों ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई।
एफडीपी के पहले दिन देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से लगभग 95 प्रतिभागी ऑनलाइन जुड़े, जिनमें नाइजीरिया से एक प्रतिभागी भी शामिल रहा। डॉ. अंकुर गोयल ने रिसोर्स पर्सन के रूप में जर्नल मेट्रिक्स, एआई टूल्स फॉर रिसर्च राइटिंग, रिसर्च पेपर एनाटॉमी, सामान्य त्रुटियाँ एवं प्रकाशन नैतिकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
दूसरे दिन डॉ. राजेश वर्मा (क्राइस्ट यूनिवर्सिटी) ने प्रभावी शोध प्रस्तावना, शोध पद्धति एवं निष्कर्ष लेखन पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया।
तीसरे दिन आकांक्षा त्यागी (आईएमएस गाजियाबाद) ने डाइमेंशन्स से शोध पत्र खोजने तथा वॉविएवेर के माध्यम से बिब्लियोमेट्रिक एनालिसिस पर व्यावहारिक सत्र आयोजित किया। इस दिन लगभग 75 ऑनलाइन एवं 45 ऑफलाइन प्रतिभागियों ने सहभागिता की। निदेशक एवं प्राचार्य महोदय की गरिमामयी उपस्थिति से सत्र की उपयोगिता और भी बढ़ गई।
चौथे दिन डॉ. पारुल गुप्ता (आईटीएस, मोहन नगर) द्वारा ज़ोटेरो टूल, सिस्टेमेटिक लिटरेचर रिव्यू (SLR), इन-टेक्स्ट साइटेशन एवं रेफरेंसिंग पर गहन प्रशिक्षण दिया गया। इस सत्र में 72 ऑनलाइन एवं 33 ऑफलाइन प्रतिभागी शामिल हुए।
अंतिम दिन बीबीए विभाग के साजिद शाह ने एसपीएसएस एवं पाइथन पर व्यावहारिक सत्र संचालित किया, जिसमें 82 ऑनलाइन एवं 30 ऑफलाइन प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने विश्लेषणात्मक टूल्स पर आधारित इस सत्र को अत्यंत उपयोगी बताया।


