सिंगरौली

ज़िले में शराब दुकानों में नियमों की उड़ रही धज्जियाँ, बिना रेट सूची के चल रही बिक्री

 नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

 सिंगरौली : जिले में आबकारी विभाग की लापरवाही और निगरानी तंत्र की कमजोरी एक बार फिर उजागर हो रही है। जिले की कई शराब दुकानों में खुलेआम नियमों की अनदेखी की जा रही है, जहां बिना रेट सूची क्यूआर स्कैनर के शराब बेची जा रही है और उपभोक्ताओं से अधिकतम मुद्रित मूल्य (MRP) से कहीं अधिक राशि वसूली जा रही है।
क्यूआर स्कैनर लगाने की योजना बनी केवल कागज़ी औपचारिकता
प्रदेश भर में आबकारी विभाग द्वारा पारदर्शिता और नियंत्रण के उद्देश्य से शराब दुकानों में रेट सूची क्यूआर स्कैनर लगाने की योजना चलाई गई थी। इस योजना के अंतर्गत ग्राहकों को बिल और QR कोड स्कैन कर MRP सत्यापित करने की सुविधा दी जानी थी। परंतु सिंगरौली जिले में यह योजना केवल कागजों में सजी-संवरी रह गई है। ज़मीनी हकीकत यह है कि अधिकांश दुकानों में अब भी स्कैनर उपलब्ध नहीं हैं, और जहां लगे हैं वहां उनका उपयोग ही नहीं कर पा रहे है।
जगह-जगह हो रही अवैध वसूली
निगाही गेट के पास स्थित शराब दुकान हो या नवानगर की दुकानें, सभी जगह एक ही कहानी है – ग्राहकों को शराब के लिए MRP से 10 से 40 रुपये अधिक चुकाने पर मजबूर किया जा रहा है। वहीं, कचनी, बैढ़न और बरगवां क्षेत्रों में भी इसी तरह की अनियमितताएं सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब वे अधिक कीमत पर आपत्ति जताते हैं तो कर्मचारियों द्वारा उन्हें धमकाया जाता है या खरीदने से मना कर दिया जाता है। शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं होती।
प्रशासनिक चुप्पी बनी लोगों की परेशानी 
चौंकाने वाली बात यह है कि यह सब कुछ आबकारी विभाग और जिला प्रशासन की नज़रों के सामने हो रहा है, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या विभाग जानबूझकर आंख मूंदे बैठा है, या फिर भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि कार्रवाई की हिम्मत ही नहीं बची?
जनता में आक्रोश, पारदर्शिता की मांग
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और उपभोक्ताओं में इस अवैध वसूली और नियमों की अनदेखी को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि एक तरफ सरकार नशा मुक्ति की बात करती है और दूसरी तरफ शराब की दुकानों को बेलगाम छोड़ दिया गया है, जहां ग्राहकों से जबरन ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं।
उपभोक्ताओं के लिए शिकायत दर्ज कराने की पारदर्शी और सरल व्यवस्था लागू की जाए। सिंगरौली जिले में शराब दुकानों द्वारा किए जा रहे इस खुले खेल ने कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। यदि जल्द ही विभाग ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाई, तो न केवल जनता का भरोसा तंत्र से उठ जाएगा, बल्कि यह कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार की लड़ाई में एक काला धब्बा बन जाएगा।
इनका कहना है। 
जब इस मामले को लेकर जिला आबकारी अधिकारी सतीश कश्यप से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पहले के लगे हुए क्यूआर स्कैनर मुख्यालय से ही कुछ टेक्निकल प्रॉब्लम होने के कारण पहले वाले क्यूआर स्कैनर काम नहीं कर रहे है अब उन्हें बदल कर सभी दुकानों में दूसरे क्यूआर स्कैनर जल्द लगा दिए जायेंगे।
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