बरेली
बरेली की रिदम शर्मा ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में किया नाम रोशन

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
बरेली। कहते हैं कि प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती। शारीरिक बाधाएं भी ऐसे लोगों के आगे नतमस्तक हो जाती हैं। ऐसा ही कर दिखाया है 18 वर्ष की रिदम शर्मा ने। जो कि विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में मेडल जीतकर अपने माता-पिता और अपने शहर का नाम रोशन कर रही है।
रिदम शर्मा जन्मजात मूक-बधिर है तथा 100 प्रतिशत दिव्यांगता से ग्रसित है। वह राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की जूनियर डेप्प एथलीट स्पर्धा में गोल्ड एवं सिल्वर मेडल जीतने वाली मूक-बधिर एथलीट है जो कि एक साधारण परिवार से बड़ाबाजार के खेरुलागली निवासी हैं। रिदम के पिता का नाम अनुकाम शर्मा व मां पूनम शर्मा , रिदम की एक बड़ी बहन अपूर्वा शर्मा वो भी (मूक-बधिर) है जबकि उसका भाई विनायक शर्मा जो नॉर्मल है।
रिदम शर्मा इस्लामियां गल्र्स इंटर कॉलेज में कक्षा 11 की छात्रा है। रिदम ने 2022 में जिला शाहजहाँपुर (उ.प्र.) में आयोजित दसवीं उत्तर प्रदेश मूकबधिर 200 मीटर दौड प्रतियोगिता में प्रथम स्थान, बी. 400 मी. दौड प्रतियोगिता में प्रथम स्थान, सी. 100 मी. दौड प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाया। 2023 में इन्दौर (मध्य प्रदेश) में आयोजित मूक-बधिर जूनियर एवं सब जूनियर दौड प्रतियोगिता में
ए. रूपोटस चैम्पियनशिप 200 मी. दौड प्रतियोगिता में प्रथम स्थान 400 मीटर बाधा दौड प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। 2024 में मलेशिया (राष्ट्र) में आयोजित दसवीं डेफ एशिया पैसेफिक गेम्स में, ए. 400 मी (पुरुष एवं महिला) रिले रेस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान (गोल्ड मेडल) बी. 400 मी. महिला रिले रेस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान (गोल्ड मेडल) सी. 400 मी. बाधा दौड प्रतियोगिता में (सिल्वर मेडल) प्राप्त कर अपने माता-पिता, स्कूल एवं शहर का नाम रोशन किया है।


