
ठेकेदार और अफसरों की लापरवाही उजागर
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली । सिंगरौली जिले के बरगवां क्षेत्र में बन रहा ओवरब्रिज इन दिनों चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है। यह पुल विकास की नई तस्वीर पेश करने की बजाय, अब मजदूरों की सुरक्षा से हो रहे खिलवाड़ का प्रतीक बन गया है। निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की ऐसी अनदेखी की जा रही है, जो किसी भी वक्त बड़ा हादसा बन सकती है।
मौके पर देखी गई तस्वीरें और हालात यह बताने के लिए काफी हैं कि मजदूरों की सुरक्षा सिर्फ कागज़ों में दर्ज है। कई मजदूर बिना हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और सुरक्षा जूतों के ऊंचाई पर काम करते देखे गए। कुछ मजदूर तो नंगे पैर लोहे के गर्डरों और शटरिंग पर चलते हुए दिखे। एक मजदूर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया “हम लोगों को हेलमेट और बेल्ट की जरूरत होती है, पर ठेकेदार कह देता है कि ‘ऊपर से ऑर्डर है, जल्दी काम पूरा करो’। अगर हम सवाल करें तो डांट पड़ती है।”
यह बयान साफ इशारा करता है कि ठेकेदार और निर्माण एजेंसी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं। सुरक्षा अधिकारी नदारद, निगरानी सिर्फ दस्तावेजों में स्थानीय लोगों और मजदूरों ने बताया कि साइट पर कोई सुरक्षा अधिकारी (सेफ्टी ऑफिसर) नहीं होता। न तो नियमित निरीक्षण होता है, और न ही सुरक्षा नियमों का पालन कराया जाता है।
एक स्थानीय निवासी ने कहा “रोजाना सैकड़ों मजदूर बिना किसी सुरक्षा के ऊंचाई पर काम करते हैं। अगर कोई गिर जाए तो उसकी जान बचने की संभावना बहुत कम होती है। अफसर या ठेकेदार मौके पर कभी दिखते ही नहीं।” ऐसी स्थिति में यह सवाल उठना लाज़मी है कि प्रशासन और विभागीय निगरानी एजेंसियां आखिर कहां हैं? अधिकारियों के दावे और जमीनी हकीकत में फर्क जब इस गंभीर लापरवाही को लेकर साइट इंचार्ज इंद्रजीत सिंह से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा “मजदूरों को सभी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, और कार्य पूरी सतर्कता के साथ कराया जा रहा है।”
लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल उलट है। निरीक्षण के दौरान मजदूरों के पास कोई भी सुरक्षा उपकरण नहीं मिला। इससे यह साफ झलकता है कि या तो सुरक्षा उपकरण केवल कागजों में दर्शाए गए हैं, या फिर साइट प्रबंधन की लापरवाही जानलेवा स्तर पर पहुंच चुकी है।
स्थानीय नागरिकों ने कहा, कार्रवाई जरूरी
बरगवां के स्थानीय नागरिकों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि ठेकेदार और संबंधित अधिकारी केवल औपचारिकता निभा रहे हैं। एक अन्य निवासी ने कहा “यहां रोज मौत को दावत दी जा रही है। जब तक किसी की जान नहीं जाएगी, तब तक प्रशासन जागेगा नहीं। अगर प्रशासन सख्त होता, तो यह हालत नहीं होती।”
प्रशासन से जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की तत्काल जांच की जाए। जिम्मेदार ठेकेदार, सुपरवाइजर और सुरक्षा अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। नागरिकों ने यह भी कहा कि जब तक ऐसी लापरवाह एजेंसियों को जवाबदेह नहीं ठहराया जाएगा, तब तक मजदूरों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही रहेगी।



