उत्तर प्रदेश में हजारों स्कूल बंद करने के खिलाफ गरजा जनसमुदाय
822 ब्लॉकों में अभिभावकों और प्रधानों ने किया जबरदस्त विरोध

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
अमरोहा । उत्तर प्रदेश में विद्यालय बंद करने की सरकार की मंशा के खिलाफ पूरे प्रदेश में विरोध की लहर तेज हो गई है। प्रदेश के 822 ब्लॉकों में अभिभावकों, ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर इस फैसले का कड़ा विरोध किया। बैठकों में उपस्थित शिक्षकों और ग्रामीणों ने एक स्वर में स्कूल बंद करने के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया और सरकार से इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की। दरअसल, प्रदेश सरकार द्वारा 150 से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों और 100 से कम छात्र संख्या वाले उच्च प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत हजारों प्रधानाध्यापकों को सरप्लस घोषित कर दिया गया है। इतना ही नहीं, पूर्व में भी करीब 20 हजार विद्यालयों का मर्जर कर हजारों प्रधानाध्यापक पद समाप्त कर दिए गए थे। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा ग्राम प्रधानों और विद्यालय प्रबंध समितियों पर दबाव बनाकर स्कूल बंद करने के समर्थन में प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है। शिक्षकों का कहना है कि इस प्रक्रिया से बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी, स्कूल दूर होने से नौनिहालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वहीं, हजारों रसोइयों की सेवा समाप्त हो जाएगी, जिससे कई परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो जाएगा।



