कानपुर

दूसरे दिन का समापन नमामि गंगे के दृश्य से हुआ जब पूरे प्रांगण ने एक साथ तालियों की गूंज से उस भावना को सलाम किया

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
कानपुर : दिल्ली पब्लिक स्कूल कल्याणपुर में पैनोरमा के दूसरे दिन अतिथियों के स्वागत के साथ दीप प्रज्वलन कर प्रधानाचार्या डॉ. रिचा प्रकाश ने कार्यक्रम के शुरुआत की घोषणा करी आपको बता दें उल्लास का उपलब्धियों का समूह में कार्य का सृजनशीलता का आत्मविश्वास का,नन्हे सपनों के पंर्खा को उड़ान देने का और बताने का कि शिक्षा पुस्तकों तक सीमित नहीं,जीवन को गढ़ने की कला है। गंगा सेवा,भारत सेवा,अर्चन पूजन धन्य है,तू भारत की प्राण तत्व है जन-जन का जीवन है।” गंगा बहती है कभी इतिहास की गहराइयों में कभी प्रगति की लहरों में कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों ने एक्यूबरेंस में शिक्षा स्मारकों द्वारा मंच पर इसी यात्रा को साकार किया। वि‌द्यालय के वार्षिक समारोह में उल्लास का उपलब्धियों का समूह में कार्य करने का सृजनशीलता का आत्मविश्वास का गर्व का नन्हे सपनों के पंखों को उड़ान देने का और बताने का कि शिक्षा पुस्तकों तक सीमित नहीं,जीवन को गढ़ने की कला है। सुपर हाउस ग्रुप के सी० एम० डी० मुख्तारुल अमीन ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास,संस्कृति और अनुशासन का विकास करते हैं एवं एजूकेशन ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन शाहिना अमीन की गरिमामयी उपस्थिति से समारोह में चार चाँद लग गए। प्रधानाचार्या डॉ. रिचा प्रकाश ने कहा कि कानपुर सिर्फ एक शहर नहीं,मेहनत संघर्ष संस्कृति और उन्नति की मिसाल है यहां का कपड़ा,चमड़ा उ‌द्योग इसे भारत का मैनचेस्टर बनाते हैं, तो आयुध निर्माण फैक्ट्री देश की रक्षा में अपना अमूल्य योगदान देती है। कानपुर की धरती विरोधियों को भी नतमस्तक करके कैसे आत्मसात करती है,गले लगाती है,इसी कहानी को दर्शाया गया मैनचेस्टर की कहानी कानपुर की जुबानी में। कानपुर की हर गली,हर सड़क हर मोहल्ला इतिहास को संभाले हैं। ये नाम आज भी हमें याद दिलाते हैं कि हमारा शहर कानपुर हमें अपनी जड़ों से आज भी जुड़े हैं और इसीलिए यह भारत का सबसे ज्यादा खुश रहने वाला शहर है टाइमलेस सिंफनी ‘प्रस्तुति इसी बात का गवाह बनी। अब बारी आई कानपुर के गौरव की। शिक्षा,खेल,तकनीकी संगीत हमारा कानपुर हर जगह बोलता है। इसी बात को कानपुर प्राइड में बखूबी दर्शाया गया। आई आई टी,मेट्रो और दिन प्रतिदिन होने वाली उन्नति का जीवंत प्रतीक बनी यह प्रस्तुति। कार्यक्रम का समापन नमामि गंगे’ के दृश्य से हुआ जब पूरे प्रांगण ने एक साथ तालियों की गूंज से उस भावना को सलाम किया जहां इतिहास सांस लेता है वर्तमान मुस्कुराता है और भविष्य स्वप्न संजोता है। वही विद्यालय को कानपुर सेंट्रल,बिठूर घंटाघर,भीतरगांव आदि के मॉडलों से सुंदर कलात्मक रूप से सजाया गया जिसने सारे वातावरण को श्रद्धा और पावनता से भर दिया।
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