बेतुल

बैतूल सहस्त्रबाहु जयंती पर स्वच्छता प्रहरियों के पैर पखारकर किया सम्मान

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। भगवान सहस्त्रबाहु जयंती के अवसर पर कल्चुरी कलार समाज, बैतूल ने इस बार एक अभिनव पहल करते हुए जिला चिकित्सालय के स्वच्छता प्रहरियों का पैर पखारकर सम्मान किया। कल्चुरी कलार समाज के शैलेंद्र बिहारिया ने बताया कि सहस्त्रबाहु जयंती का आयोजन इस बार जिला चिकित्सालय परिसर में किया गया, जहां स्वच्छता के प्रहरी ही इस समारोह के मुख्य नायक बने। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान सहस्त्रबाहु जी के पूजन-अर्चन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में जिला कार्यकारी अध्यक्ष के.के. मालवीय, जिला महिला अध्यक्ष बिंदु के.के. मालवीय, नगर अध्यक्ष रिंकी मालवीय, जिला चिकित्सालय के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. रानू वर्मा, डॉ. आनंद मालवीय, रक्तकोष अधिकारी डॉ. अंकिता सीते, शारदा समिति के जिला संयोजक संजय शुक्ला, सुदामा सूर्यवंशी, दीप मालवीय, निमिष मालवीय, प्रकाशचंद मालवीय, राकेश मालवीय, आशीष मालवीय, शारदा समिति के कार्यकारी अध्यक्ष हिमांशु सोनी, महिला अध्यक्ष श्रीमती हेमासिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
मंच पर स्वच्छता प्रहरियों को सम्मानपूर्वक स्थान दिया गया। समाज के प्रतिनिधियों ने आरती उतारकर, तिलक लगाकर, मोतियों की माला पहनाकर, पुष्पवर्षा कर, उपहार और मिठाई भेंट कर तथा उनके पैर पखारकर सम्मान किया। यह पल बेहद भावुक था, जब सफाईकर्मियों की आंखें नम हो उठीं और पूरे माहौल में एक अनोखी गरिमा छा गई।
– कलार समाज ने सामाजिक एकता की मिसाल पेश की
कार्यक्रम में डॉ. रानू वर्मा ने कहा कि 13 एकड़ में फैले जिला चिकित्सालय को स्वच्छ रखने का श्रेय इन स्वच्छता प्रहरियों को जाता है। समाज द्वारा इनका सम्मान किया जाना अत्यंत प्रशंसनीय कदम है। डॉ. आनंद मालवीय ने कहा कि सफाई कर्मियों के कारण हम सभी बीमारियों से दूर रहते हैं, और आज कलार समाज ने सामाजिक एकता की मिसाल दी है।
नगर अध्यक्ष रिंकी मालवीय ने कहा कि आज समाज के सबसे निचले वर्ग के लोगों का सम्मान कर जो आत्मसंतोष मिला है, वह किसी बड़े पुरस्कार से कम नहीं। वास्तव में सम्मान के असली हकदार यही स्वच्छता प्रहरी हैं।
इस अवसर पर संतोष पवार और प्रकाश करोसिया ने स्वच्छता कर्मियों के सम्मान में भावनात्मक कविताएं सुनाईं, जिनसे उपस्थितों की आंखें भर आईं।
– कुल 43 स्वच्छता प्रहरियों का किया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान निमिष मालवीय, दीप मालवीय और शैलेंद्र बिहारिया ने कहा कि जिस तरह एक बच्चा अपनी मां को गंदा कर देता है, पर मां बिना गुस्से के उसे प्यार से साफ करती है, उसी तरह स्वच्छता प्रहरी भी हर दिन अस्पताल को स्वच्छ रखते हैं और कभी शिकायत नहीं करते।
इस आयोजन में कुल 43 स्वच्छता प्रहरियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों और समाजजनों ने यह संकल्प लिया कि भविष्य में भी समाज ऐसे कार्यों के माध्यम से सेवा और समरसता का संदेश देता रहेगा।
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