गाजियाबाद
गाजियाबाद में ‘गोधन समागम 2026’ का सजीव प्रसारण
अधिकारियों व पशुपालकों ने बढ़-चढ़कर लिया भाग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘गोधन समागम 2026’ कार्यक्रम का सोमवार को पशुपालन विभाग द्वारा जनपद गाजियाबाद में विकास भवन, सभी तहसीलों तथा विकास खंड स्तर पर सजीव प्रसारण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के पशुधन मंत्री श्री धर्मपाल सिंह ने की। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील पशुपालकों ने लखनऊ में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सहभागिता की।
जनपद गाजियाबाद में विकास भवन सभागार सहित तहसील सदर, मोदीनगर तथा विकास खंड मुरादनगर, भोजपुर, लोनी और रजापुर में भी कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया। इस दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों, पशुपालकों, डेयरी संचालकों, गो-आश्रय स्थल संचालकों और ग्राम प्रधानों समेत बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में उन्नतशील नंद बाबा दुग्ध मिशन योजना, गोकुल पुरस्कार योजना तथा निराश्रित गोवंश संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पशुपालकों, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को सम्मानित किया गया। अपर मुख्य सचिव पशुधन श्री मुकेश मेश्राम ने गोबर अपशिष्ट से गोधन विकास की अवधारणा को साकार करने और नंद बाबा दुग्ध मिशन जैसी योजनाओं को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गोवंश ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जो पोषण के साथ-साथ जैविक खेती के लिए देशी खाद और जैविक कीटनाशक उपलब्ध कराता है।
माननीय मंत्री ने पशुपालन विभाग के व्हाट्सएप चैनल का शुभारंभ भी किया और अधिकारियों, कर्मचारियों, किसानों तथा पशुपालकों से इससे जुड़कर विभागीय योजनाओं व नवीन तकनीकों की जानकारी प्राप्त करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने स्वदेशी नस्लों की विशेषताओं एवं उनके वैज्ञानिक प्रबंधन की जानकारी दी। साथ ही उद्यमियों को कामधेनु टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया गया। डिजिटल लाइवस्टॉक मिशन के अंतर्गत ‘भारत पशुधन’ ऐप पर पशुओं का पंजीकरण कराने के लाभ भी विस्तार से बताए गए।
जनपद के मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम में साझा की गई जानकारियों को अधिक से अधिक किसानों और दुग्ध उत्पादकों तक पहुंचाया जाए, ताकि पशुपालन के माध्यम से रोजगार सृजन और आय वृद्धि को बढ़ावा मिल सके।



