ललितपुर
शहजाद नदी के नये पुल निर्माण का कार्य शुरू
ब्रिटिश समय का पुल अचानक बंद किये जाने से मुश्किलें बढ़ीं

पूर्व नपाध्यक्ष ने डीएम के नाम फेसबुक पर शेयर किया पत्र
ललितपुर। हाई-वे से शहर को जोडऩे वाला एकमात्र पुल को ध्वस्त कर नये पुल निर्माण के लिए स्थाई रूप से बंद कर दिया गया है। इस पुल के बंद होने से शहर में लोगों का आवागमन ठप हो गया है। नये पुल निर्माण के पूर्व लोगों को आवागमन के लिए कोई अस्थाई पुल निर्माण नहीं किये जाने से लोगों की परेशानियां काफी बढ़ गयी हैं। इस सम्बन्ध में नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने जिलाधिकारी के नाम संबोधित एक पत्र सोशल मीडिया के फेसबुक एकाउण्ट पर शेयर करते हुये होने वाली तमाम समस्याओं का जिक्र करते हुये विकराल होने वाली इस समस्या का स्थाई समाधान निकाले जाने की मांग उठायी है।
डीएम को संबोधित पत्र में पूर्व नपाध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने बताया कि वह स्वयं एम्ब्रोसिया कालोनी में निवासरत हैं, जहां आने-जाने के लिए शहजाद नदी पुल ही एक मात्र मार्ग है। उन्होंने शहर ललितपुर में शहजाद नदी पर स्थित एकमात्र पुल की ओर डीएम का ध्यान आकृष्ट कराते हुये बताया कि ब्रिटिश जमाने से शहजाद नदी पर बना पुल जो नदी पार करने का मुख्य माध्यम था। हाल ही में इस पुल को नए पुल के निर्माण के लिए बंद कर दिया गया है, जो एक सराहनीय कदम है। किंतु समस्या यह है कि पुल बंद करने के साथ-साथ कोई वैकल्पिक सर्विस रोड या अस्थाई मार्ग की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे दैनिक यातायात एवं विशेष रूप से स्कूली बच्चों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। बताया कि नदी के इस पार लगभग 8 से 10 छोटे-बड़े स्कूल स्थित हैं, जहां 100 से अधिक स्कूल बसें संचालित है एवं अन्य वाहन प्रतिदिन संचालित होते हैं। पुल बंद होने से बच्चों को स्कूल पहुंचने में देरी हो रही है, जो उनकी शिक्षा एवं सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। साथ ही, सामान्य यातायात में भी जाम एवं असुविधा बढ़ गई है, जिससे स्थानीय निवासियों, व्यापारियों एवं आपातकालीन सेवाओं को भी परेशानी हो रही है। हाल के समाचारों से पता चलता है कि पुल निर्माण की मांग लंबे समय से थी, विशेषकर बाढ़ के मौसम में, लेकिन वर्तमान स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था की कमी एक बड़ी समस्या बन गई है। उन्होंने जिलाधिकारी से इस समस्या के तत्काल समाधान किये जाने की ओर ठोस कदम उठाये जाने की मांग की है। मांग करते हुये उन्होंने पुल निर्माण के दौरान एक अस्थायी सर्विस रोड या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था किये जाने, स्कूली बसों एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष ट्रैफिक प्रबंधन एवं पुलिस सहायता उपलब्ध कराये जाने, निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने हेतु आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाने, ताकि स्थायी समाधान जल्द हो सके।



