समिति सचिव राघवेन्द्र सिंह चौहान पर धोखाधड़ी व गबन का मुकदमा, एफआईआर दर्ज
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
ललितपुर। शासन की मूल्य समर्थन योजना (एमएसपी) के तहत रबी विपणन वर्ष 2025-26 में ललितपुर जिले के थनवारा बी-पैक्स क्रय केन्द्र (गनगौरा गोदाम) पर एक बड़ा घोटाला सामने आया है। अपर जिला सहकारी अधिकारी रवि सिंह की शिकायत पर कोतवाली ललितपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। समिति सचिव राघवेन्द्र सिंह चौहान पर आरोप है कि उन्होंने 73 किसानों से कुल 5719.50 क्विंटल गेंहू खरीदा, लेकिन एफसीआई को सिर्फ 3648.5357 क्विंटल ही डिलीवर किया। 2070.96 क्विंटल गेंहू न तो गोदाम पर मिला और न ही किसानों के पास। इस गबन की कीमत 55,87,669 रुपये (एमएसपी दर 2425 रुपये प्रति क्विंटल सहित गत वर्ष की लागत समेत) बताई गई है। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि सचिव ने स्वयं को खरीद केन्द्र प्रभारी बनाए बिना सहकारी कुर्क अमीन रज्जन लाल श्रीवास्तव को प्रभारी बना दिया। जांच के दौरान 12 जून 2025 को दोनों आरोपी मौके पर नहीं मिले। 16 किसानों से कथित मोबाइल खरीद का हवाला देकर गेंहू किसानों के घर पर रखे होने का झूठा दावा किया गया, लेकिन जांच में न तो गेंहू मिला और न ही किसानों के पास कोई स्टॉक पाया गया। विभागीय अधिकारियों ने 9 बार (4 जून से 23 जून 2025 तक) नोटिस जारी कर गेंहू डिलीवर करने को कहा, लेकिन आरोपी ने न तो डिलीवरी की और न ही जवाब दिया। अपर जिला सहकारी अधिकारी रवि सिंह ने अपनी शिकायत में साफ लिखा है कि सांठ-गांठ करके गेंहू का गबन/अपहरण किया गया है। एफआईआर बीएनएस की धारा 316(5) के तहत दर्ज की गई है। जांच की जिम्मेदारी अवर निरीक्षक ललित उज्जवाल को सौंपी गई है। यह घोटाला तब सामने आया है जब पूरे प्रदेश में किसानों को एफआईआर पर गेंहू बेचने का दावा किया जा रहा था। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर 55 लाख का गेंहू कहां गायब हो गया? क्या यह अकेला मामला है या जिले में और भी ऐसे क्रय केन्द्रों में गड़बड़ी है? पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। आरोपी सचिव राघवेन्द्र सिंह चौहान (निवासी सिविल लाइन, ललितपुर) फरार बताए जा रहे हैं।



