ललितपुर

बाल सुरक्षा और पॉक्सो मामलों में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त : एएसपी

बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों की गोष्ठी एवं प्रशिक्षण कार्यशाला में दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक के निर्देशन में शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइन्स स्थित सभागार में बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों की मासिक समीक्षा गोष्ठी एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। अध्यक्षता एवं पर्यवेक्षण एएसपी/नोडल अधिकारी कालू सिंह ने की। बैठक में एएचटी एवं एसजेपीयू थाना इकाई सहित जनपद के सभी थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुपालन, अनुसंधान की गुणवत्ता तथा बाल कल्याण अधिकारियों के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। एएसपी ने अधिकारियों को बाल गुमशुदगी, बाल श्रम, बाल विवाह, बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम, लैंगिक समानता, साइबर अपराध, एससी/एसटी एक्ट तथा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कार्यशाला में किशोर न्याय अधिनियम-2015 के नवीनतम संशोधनों, पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत दर्ज होने वाले मामलों तथा बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज प्रत्येक मुकदमे की सूचना 24 घंटे के भीतर बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को उपलब्ध कराई जाए तथा फार्म-ए, फार्म-बी एवं एसबीआर रिपोर्ट समयबद्ध तरीके से संबंधित विभागों को भेजी जाए। बैठक में यह भी बताया गया कि पॉक्सो मामलों में आरोपियों को उच्च न्यायालय से प्राप्त होने वाली जमानत संबंधी सूचनाओं को तत्काल बाल कल्याण समिति एवं पीडि़त पक्ष तक पहुंचाना बाल कल्याण अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। साथ ही किशोर न्याय अधिनियम के तहत सामाजिक पृष्ठभूमि रिपोर्ट तैयार करने और बच्चों के पुनर्वास संबंधी प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। समीक्षा के दौरान जनपद में दर्ज गुमशुदा बच्चों के लंबित मामलों तथा पॉक्सो एक्ट के अभियोगों की प्रगति का आकलन किया गया। एएसपी ने संबंधित अधिकारियों को जागरूकता अभियान चलाने तथा लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), श्रम विभाग, जिला प्रोबेशन विभाग, चाइल्ड लाइन, प्रधान किशोर न्याय बोर्ड, जन साहस संस्था, वन स्टॉप सेंटर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर समन्वय बढ़ाने और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
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