असम

2026 असम विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी की तैयारी

श्रमिक दल, असम के साथ गठबंधन कर आगामी चुनाव में उतरने का फैसला।

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो :

आगामी 2026 में होने वाले असम विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी असम की छोटी–बड़ी सभी जातीय और क्षेत्रीय राजनीतिक शक्तियों को साथ लेकर तीसरी राजनीतिक धुरी के रूप में आगे बढ़ना चाहती है। इसी उद्देश्य से आज गुवाहाटी स्थित जनजातीय विश्राम सदन के सभा कक्ष में आम आदमी पार्टी, असम और श्रमिक दल, असम के प्रांतीय पदाधिकारियों की उपस्थिति में एक आपात बैठक आयोजित हुई। बैठक में आदिवासी–चाय जनजाति का प्रतिनिधित्व करते हुए श्रमिक दल, असम और आम आदमी पार्टी ने निर्णय लिया कि आगामी विधानसभा चुनाव में दोनों दल सीट–समन्वय (सीट साझेदारी) करके साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। सभा में श्रमिक दल, असम के प्रांतीय अध्यक्ष बिरेन मिर्धा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने राज्य में सत्ता में आने के बाद 100 दिनों के भीतर चाय जनजाति और आदिवासी समुदाय को जनजातिकरण (Scheduled Tribe status) देने का वादा किया था, लेकिन आज तक उस वादे को पूरा नहीं किया और लगातार साल दर साल इस समुदाय से छल किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार और वर्तमान भाजपा सरकार – दोनों ही शासनकाल में असम के चाय बागानों तथा आदिवासी–बहुल गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार व्यवस्था और सामाजिक–आर्थिक स्थिति की भारी उपेक्षा हुई है, जिसके कारण ये लोग जीवन की असुरक्षा और पिछड़ेपन में जीने को मजबूर हैं। सभा को संबोधित करते हुए आप, असम के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. भवेन चौधरी ने कहा कि असम के आदिवासी और चाय जनजातियों के उत्थान के लिए यह राजनीतिक गठबंधन अत्यंत जरूरी है। वहीं, आप के आदिवासी–चाय जनजाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष महावीर बछे ने कहा कि असम में श्रमिक मज़दूरी में वृद्धि, छात्र–छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति, पेयजल की सुविधा, और सुलभ स्वास्थ्य सेवा जैसे मुद्दों पर कांग्रेस व भाजपा ने सिर्फ खोखले वादे किए हैं। उनके खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए आम आदमी पार्टी पूरी तरह से तैयार है।

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