ग्रामीणों पर लाठीचार्ज से बवाल, आधा दर्जन जख्मी, विधानसभा के पटल पर उठेगा मामला- हलधर महतो
Chaos due to lathicharge on villagers, half a dozen injured, matter will be raised in the assembly - Haldhar Mahato

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
धनबाद। बीसीसीएल कतरास क्षेत्र अन्तर्गत संचालित मां अंबे माइनिंग आउटसोर्सिंग के बुट्टू बाबू बंगला पैच के समीप हाल रोड बनाने का शनिवार को कुम्हार बस्ती के ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया। ग्रामीणों ने पोकलेन मशीन को परियोजना में ही रोक दिया तथा सुरक्षित जगह पर पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग करने लगे। इस दौरान सीआईएसएफ जवानों के साथ ग्रामीणों की नोंकझोंक हुई। सूचना पाकर कतरास, राजगंज, तेतुलमारी, रामकनाली, अंगारपथरा ओपी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। परियोजना के समीप से हटने के सवाल पर बात बढ़ गई। वही मोबाइल पर फोटो खींच रहे युवक को पुलिस के द्वारा मना करने पर विरोध और तेज हो गया। इधर पुलिस ने भी सभी को हटाने का प्रयास किया लेकिन दोनों ओर से पत्थरबाजी होने लगी। इसी बीच महिला व पुरुष बल ने लाठी भांजनी शुरू कर दी जिससे आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण महिला व पुरुषों को चोटें आई हैं। इनमें भवानी देवी, अंजुली कुमारी, संजू देवी, गीत देवी, गुड़िया देवी, चंदना देवी, चांदो देवी, मोनी देवी, मंजू देवी, सोनू कुमार, टिंकू कुम्हार आदि शामिल हैं। वहीं दो पुलिस कर्मियों को भी चोटें आने की बातें सामने आई है। इधर सूचना मिलते ही भाकपा माले पोलित ब्यूरो सदस्य हलधर महतो, ठाकुर महतो मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के पक्ष में प्रबंधन द्वारा कराएं गए लाठी चार्ज की घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि प्रबंधन आखिर कुम्हार बस्ती के ग्रामीणों के साथ पुलिस बर्बरतापूर्ण कार्रवाई क्यों करा रही है। पहले यहां के 154 परिवार को दूसरे जगह बसाने की व्यवस्था करें अन्यथा यह मामला लोकसभा व विधानसभा के पटल पर उठेगा। उन्होंने प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि बीसीसीएल प्रबंधन अपनी नीति स्पष्ट करें क्योंकि यहां के लोग मिट्टी से मूर्तियां, बर्तन, खिलौने, प्याला बनाकर जीवन गुजारा करते हैं। प्रबंधन मिट्टी कटाई कर हटाना चाह रही है। कतरास पुलिस अंचल इंस्पेक्टर मुकेश कुमार चौधरी मौके पर पहुंचे और प्रबंधन के सामने ग्रामीणों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। उन्होंने कहा कि शीघ्र रामकनाली ओपी परिसर में ग्रामीणों के साथ त्रिपक्षीय वार्ता होगी जिसमें पुनर्वास के मामले का समाधान करा दिया जाएगा। इसके बाद सभी माने।



