जोतरोली ट्रांसफार्मर ब्लास्ट में बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर में रुदावल थाना क्षेत्र के जौतरौली गांव में मंगलवार देर शाम ट्रांसफार्मर में आग लगने के बाद ब्लास्ट से ग्रामीणों के मकानों पर गिरे विद्युत प्रवाहित करंट के तारों से गम्भीर रूप से झुलसे दो बच्चो सहित आधा दर्जन महिला पुरुषों की हालत में अभी अस्पताल में कोई सुधार नजर नही आया है। इस बीच गम्भीर स्थिति में दो महिलाओं को बुधवार को भरतपुर के आरबीएम अस्पताल से जयपुर रैफर किया गया। इस हादसे की जाँच के दौरान हादसे के लिए बिजली विभाग की गम्भीर लापरवाही सामने आई है। गौरतलब है कि मंगलवार रात गाव के ट्रांसफार्मर में लगी आग के बाद सभी के घरों में करंट दौड़ने लगा। जो लोग घरों के बाहर बैठे थे उनके ऊपर बिजली के तार गिरने लगे। जो भी लाइट बंद करने जा रहा था उसे भी करंट लगा। हादसे से गाव में हड़कंप के साथ भगदड़ मच गई थी। इस घटना में झुलस कर 10 लोग घायल हुए थे जिनमे से दो महिलाओं की हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटना में ओमवती (70), शारदा (35) अंकिता पिता कुंवर सैन (8) जतिन पिता दयाल (38) मेघांश पिता रमन (2) नीतू पति रमन (29) गंभीर रूप से घायल हुए। जिसके बाद सभी को अस्पताल लेकर जाया गया। घायलों में से ओमवती और शारदा को बुधवार को भरतपुर के आरबीएम से जयपुर रेफर किया गया है। बाकी सभी का इलाज रुदावल अस्पताल में जारी है। घायलों में महिला और उसका बेटा भी घायल है।जांच में सामने आया है कि गाव में बिजली की लाइनें और ट्रांसफार्मर रखे हैं उनके सहारे बड़ी बड़ी झाड़ियां खड़ी हो गई हैं। यह सभी लाइनें करीब 20 साल पुरानी हैं। बिजली विभाग द्वारा बिजली के तारों की कोई मरम्मत नहीं की जा रही है। तार झूल रहे हैं। तेज हवा चलने पर आपस में टकराते हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी बिजली विभाग कोई सुनवाई नहीं करता। कल भी इसी की वजह से हादसा हुआ।



