गोड्डा
अस्पताल में लापरवाही से बच्चे की मौत, परिजनों ने किया हंगामा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
ठाकुरगंगटी। ठाकुरगंगटी हरिदेवी रेफरल अस्पताल में लापरवाही के कारण एक नवजात बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया। यह घटना बनियाडीह निवासी बिपिन यादव के परिवार के साथ हुई।
बिपिन यादव की पत्नी सबिता देवी को प्रसव पीड़ा होने पर 17 नवंबर को परिजनों ने हरिदेवी रेफरल अस्पताल लेकर पहुंचे थे। वहां मौजूद नर्स ने परिजनों को बताया कि प्रसव में अभी समय है। नर्स ने कथित तौर पर परिजनों से बाहर से सुई मंगवाकर सबिता देवी को दी। जिसके बाद परिजन उन्हें घर ले गए। सुबह सबिता देवी को अचानक पेट में तेज दर्द हुआ। परिजन उन्हें आनन-फानन में दोबारा ठाकुरगंगटी हरिदेवी रेफरल अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में प्रसव पीड़ा के दौरान बच्चे की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था और बच्चे की मौत एएनएम की लापरवाही के कारण हुई।
बच्चे के पिता बिपिन यादव ने बताया कि जब वे पत्नी को लेकर अस्पताल आए थे, तब डॉक्टरों ने प्रसव में देरी की बात कही थी। बिपिन यादव ने यह भी बताया कि उनकी पहले से तीन बेटियां हैं और यह बेटा हुआ था। लेकिन उचित समय पर उपचार न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। बच्चे की दादी विमला देवी ने भी डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां मौजूद एएनएम ने बाहर से दो सुई मंगवाकर उनकी बहु को दी और घर जाने को कहा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एएनएम मरीजों की परेशानी बताने पर डांटने लगती हैं, जिसके कारण लोग ज्यादा कुछ नहीं बोल पाते। परिजनों के अनुसार, यह अस्पताल में कोई नई घटना नहीं है। वही, अस्पताल में मौजूद डॉ संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि मेरे संज्ञान में अभी तक यही मामला है की महिला का प्रसव हुआ, जहां पहले से बच्चा मृत था। अगर इसमें एएनएम की लापरवाही होगी तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की जानकारी सिविल सर्जन को भी दिया गया है।
वही, सिविल सर्जन डॉ सुभाष शर्मा से दूरभाष पर बात हुई तो उन्होंने कहा कि इस घटना के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है।



