नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा के नौहझील के उदियागढ़ी गांव में एक परिवार की मां-बेटी को पीटकर घायल करने की घटना के बाद तनाव बढ़ गया है। हमलावर भाग निकले हैं। पुलिस बल तैनात किया गया है। अनुसूचित जाति के लोगों ने अपने घरों के बाहर मकान बिकाऊ लिखवा दिया। इसका वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस अधिकारियों ने जांच की। पीड़ित पक्ष का कहना है कि दबाव बनाने के लिए इस तरह की बातें लिखी जा रही हैं। नौहझील के गांव उदियागढ़ी में 25 दिसंबर की रात को पिछड़ी जाति के अंकुल के घर पर हमला बोलकर मां-बेटी और बेटे को लाठी और लोहे की रॉड से पीटकर घायल कर दिया था। इस मामले में पीड़ित पक्ष ने 9 नामजदों व 5-6 अज्ञात युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। हमलावरों की तलाश की मगर वह घरों से भाग निकले। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सूचना पर नौहझील थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिसकर्मी गांव में पहुंचे। जांच पड़ताल की। तनाव के मद्देनजर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पीड़ित पक्ष के अंकुल का कहना है कि गांव में उनकी पिछड़ी जाति के महज दो घर हैं, जबकि अनुसूचित जाति के तीन दर्जन से ज्यादा घर हैं। ऐसे में दबंगई कौन कर सकता है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने दो युवकों लोकेंद्र और राहुल को गिरफ्तार कर शांति भंग में जेल भेज चुकी है। मारपीट की घटना में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
ग्रमीण एसपी ने बताया, अनुसूचित जाति के युवकों द्वारा नाई समाज के युवक के घर में घुसकर महिलाओं से जमकर मारपीट की गई है। पीड़ित की तहरीर पर 9 नामजदों सहित 5-6 अज्ञात युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। आरोपियों द्वारा खुद ही मकानों पर घर बिकाऊ के स्लोगन लिखे गये हैं। जांच की जा रही है।



