बेतुल
बैतूल 26 फरवरी से पहले न छोड़ा जाए सांपना जलाशय की नहरों में पानी
सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने की प्रस्तावित तिथि को लेकर किसानों ने जताई आपत्ति

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। सांपना जलाशय से सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने की प्रस्तावित तिथि को लेकर किसानों ने आपत्ति जताई है। किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी, जल संसाधन विभाग, बैतूल को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि 26 फरवरी 2026 के पूर्व नहरों में पानी न छोड़ा जाए।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि सांपना जलाशय की नहरों से विगत 7 फरवरी 2026 को पानी बंद किया गया था। किसानों का कहना है कि सिंचाई हेतु नहर खोलने का अंतराल कम से कम 20 दिन होना चाहिए, ताकि फसलों को उचित समय पर पानी मिल सके। यदि यह अंतराल 20 दिन से कम रखा गया तो फसलों की बढ़वार प्रभावित होगी और उत्पादन पर विपरीत असर पड़ेगा। इसके साथ ही नहर से पानी की बर्बादी भी होगी।
किसानों ने बताया कि वर्तमान में खेतों में खड़ी फसलों को निर्धारित अंतराल के अनुसार ही पानी दिया जाना आवश्यक है। ऐसे में 26 फरवरी से पहले पानी छोड़े जाने से सिंचाई चक्र प्रभावित होगा और किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ज्ञापन देने वाले किसानों में गौरव वर्मा सिंगनवाड़ी, मुकेश वर्मा आरूल, सुभाष मदन भूषण बैतूल बाजार, हर्षित वर्मा सिंगनवाड़ी, शिवम पटेल जैतापुर, यश पटेल सापना, प्रांजल पटेल जैतापुर सहित हनोतिया, बैतूल बाजार के किसान शामिल हैं।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि 26 फरवरी के बाद ही नहरों में पानी छोड़ा जाए, ताकि फसलों की सिंचाई सुचारू रूप से हो सके। मांग पर उचित निर्णय नहीं होने की स्थिति में किसानों ने आगे आंदोलन की चेतावनी भी दी है।



