राजकीयकृत मध्य विद्यालय डाढा का जर्जर भवन बना खतरे की घंटी, नई भवन की मांग
The dilapidated building of the Government Middle School Dadha has become a danger signal, demand for a new building

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
लातेहार। जिला के बारियातू प्रखण्ड अन्तर्गत डाढा ग्राम स्थित राजकीयकृत मध्य विद्यालय का भवन इस कदर जर्जर हो चुका है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। भवन की दीवारों में दरारें आ गई हैं, छत का प्लास्टर जगह-जगह से झड़ चुका है और बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता है। ऐसे में विद्यार्थियों और शिक्षकों की जान पर हर दिन संकट मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस विद्यालय की स्थापना वर्ष 1955-56 में हुई थी। उस समय शिक्षक रूपचंद लाल यहां पदस्थापित थे, जिन्होंने शिक्षा की अलख गांव में जगाई। करीब 1980 के दशक में इसे मिडिल स्कूल की मान्यता मिली, जिसके बाद से विद्यालय का संचालन नियमित रूप से होता रहा। वर्तमान में विद्यालय में करीब 250 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। पठन-पाठन की जिम्मेवारी चार नियमित एवं एक पारा शिक्षक निभा रहे हैं। बावजूद इसके विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। न तो चारदिवारी है, न ही शौचालय की समुचित व्यवस्था। शौचालय की स्थिति इतनी दयनीय है कि छात्र-छात्राओं को भारी असुविधा होती है। ऐसे में स्वच्छता मिशन की हकीकत भी सवालों के घेरे में है। विद्यालय का पुराना भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें हैं और छत से किसी भी समय मलबा गिर सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
गांव के लोगों ने शिक्षा विभाग एवं लातेहार उपायुक्त से विद्यालय भवन की जांच कर अविलंब नया भवन निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है।



