असम के गोरेश्वर विधानसभा क्षेत्र में एक ही चर्चा
मृदुल प्रीतम डेका ही बनें गोरेश्वर की पहले विधायक।

निस्वार्थ सेवाओं से जीता दिल, जनता की एकस्वर मांग – बिना पद के किया कमाल।
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम के नवगठित गोरेश्वर विधानसभा चुनाव क्षेत्र में आजकल हर गली-नुक्कड़ पर एक ही बात हो रही है। आगामी चुनाव में गोरेश्वर का अपना लाल, विपदाओं का सच्चा साथी और समाजसेवी मृदुल प्रीतम डेका ही क्षेत्र का प्रतिनिधि बने, यही यह नये चुनाव क्षेत्र वासियों की एकमुखी मांग है। सभी वर्गों के मतदाता सहमत हैं कि इस महत्वपूर्ण नवगठित विधानसभा का पहला विधायक गोरेश्वर का सपूत मृदुल प्रीतम डेका ही होना चाहिए। उल्लेखनीय है कि किसी सरकारी पदवी – जैसे विधायक या सांसद – के बिना ही उन्होंने लंबे समय से निस्वार्थ भाव से गोरेश्वर के लोगों की सेवा की है। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा की जनसेवा आदर्शों से प्रेरित होकर वे हमेशा जनता के सुख-दुख के भागी बने रहे। उनकी निरंतर जनकल्याणकारी योजनाओं में आग से घर जलने वाले तथा तुफान से पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता, अस्पताल में भर्ती गरीब रोगियों के इलाज हेतु आर्थिक मदद प्रमुख हैं। ऊपरांत, हांथी-मानव संघर्ष रोकने के छोटे प्रयास में क्षेत्र में टॉर्चलाइट वितरण कर उन्होंने एक सशक्त कदम उठाया। शिक्षा क्षेत्र में उनका योगदान सराहनीय। मेधावी छात्र-छात्राओं को टैबलेट वितरित कर प्रोत्साहित करने के साथ उच्च शिक्षा नामांकन हेतु आर्थिक रूप से दुर्बल छात्रों को सहायता देकर उन्होंने समाज के प्रति निष्ठा दिखाई। गोरेश्वर के सामान्य मतदाता दृढ़ता से विश्वास करते हैं कि जिसने सत्ता-अधिकार के बिना सेवा भाव से इतना किया, वही मृदुल प्रीतम डेका उनका सच्चा प्रतिनिधि और विधायक बनने योग्य हैं।


