पाकुड़

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति में अंतिम जोहार यात्रा को सफल बनाने को लेकर झामुमो प्रखण्ड कार्यालय में बैठक सम्पन्न अंतिम जोहार यात्रा” केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्षपूर्ण जीवन और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है- अब्दुल वदूद

"Antim Johar Yatra" is not just a program but a medium to spread the struggle of Dishom Guru Shibu Soren's life and his ideals to the people - Abdul Wadud

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। महेशपुर प्रखण्ड के झामुमो प्रखण्ड कार्यालय में शनिवार को प्रखण्ड अध्यक्ष अब्दुल वदूद की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मंच का संचालन प्रखण्ड उपाध्यक्ष मैनुद्दीन अंसारी ने किया।बैठक का मुख्य उद्देश्य महेशपुर प्रखण्ड में आदरणीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की स्मृति में आयोजित होने वाली “अंतिम जोहार यात्रा” के मार्ग-मानचित्र (रूट मैप) को तैयार करना था। बैठक में मुख्य रूप से जिला सह सचिव कुणाल अल्फ्रेड हेंब्रम एवं महिला मोर्चा के जिलाध्यक्ष जोसेफिना हेम्ब्रम की विशेष उपस्थिति रही। बैठक में सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि यह यात्रा महेशपुर प्रखंड के सभी पंचायतों से होकर गुजरेगी और प्रत्येक क्षेत्र में लोगों को अधिक से अधिक संख्या में शामिल करने का प्रयास किया जायेगा। प्रखंड अध्यक्ष अब्दुल वदूद ने अपने संबोधन में कहा कि “अंतिम जोहार यात्रा” केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के संघर्षपूर्ण जीवन और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि गुरूजी का पूरा जीवन झारखंड की अस्मिता, जल- जंगल-जमीन और गरीब-मजदूर-किसान के हक-अधिकार की रक्षा के लिए समर्पित रहा। ऐसे महान व्यक्तित्व की स्मृति में आयोजित यह यात्रा ऐतिहासिक स्वरूप लेगी। उन्होंने सभी पंचायत समिति के पदाधिकारी, वरिष्ठ एवं सक्रिय कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने-अपने पंचायत में यात्रा के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी उठाएँ। घर-घर जाकर लोगों को आमंत्रित करें और उन्हें बताएं कि यह यात्रा हमारे इतिहास, हमारी संस्कृति और हमारी पहचान को सहेजने का प्रयास है। अब्दुल वदूद ने विश्वास जताया कि सभी कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के सहयोग से महेशपुर की “अंतिम जोहार यात्रा” एक ऐतिहासिक और सफल आयोजन सिद्ध होगी। बैठक में प्रखण्ड सचिव जेम्स सुशील हेंब्रम, प्रखंड उपाध्यक्ष एनामुल हक, पप्पू अंसारी, नसीम अहमद, मो असद, मोताहार शेख,योगेंद्र मुर्मू,संतोष हेंब्रम, मिस्त्री मुर्मू,पोल्टू शेख,बाबूधन मुर्मू उर्फ डॉन, निरोज मड़ैया, टाइगर शेख, मुहर्रम शेख,हन्नान मियां, रशीद अंसारी, फुल्टन शेख,हाकिम अंसारी, हरीश अंसारी, राजू अंसारी, अब्दुल मालेक,बोद्दी शेख, सबीर अली,जावेद अंसारी,सिद्दीक अंसारी, शारूख अंसारी,अंजनी कुमार भगत उर्फ गुड्डू, तारिक अनवर, अजीमुद्दीन शेख, कमल शेख, नूर आलम शेख,बोकुल शेख,साहिबुल शेख,शाहलुम शेख,अरसलान शेख,सादेकुल शेख, मिलन शेख, सिटुल शेख,अशराफुल अंसारी, सफाजुल अंसारी, फारुक अंसारी, जहुर आलम,डार्फी शेख,तौशिफ इकबाल,राजेन्द्र हेंब्रम, निंबोली सोरेन, पुलिस मुर्मू, लोदो किस्कू,राजेंद्र मरांडी, कालिदास किस्कू,लासार हेम्ब्रम,मरकुश मरांडी,संतोष मुर्मू, नजरूल अंसारी, करीम अंसारी, हसीबुल शेख, तनवीर अख्तर, विनय किस्कू, गेब्रियल सोरेन,पाईसिल मुर्मू, आबू शेख, सफीकुल शेख, सुरोधनी हेंब्रम, सावित्री मुर्मू, अनीता मुर्मू,सेनेली मुर्मू, प्रेमलाल मरांडी, कालिदास मुर्मू,पतरास मरांडी , जर्मन टुडू, निकोलस हेंब्रम, अब्दुल रज्जाक, कालेश्वर मरांडी, लखीराम मरांडी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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