बेतुल
बैतूल बिजली बिल जमा होने के बाद भी पूरे गांव की लाइन काटी, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत
एक सप्ताह से अंधेरे में झूनकारी गांव, बिल भरने वालों की भी बिजली बंद करने पर आक्रोश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। विकासखंड प्रभात पट्टन की ग्राम पंचायत सालबर्डी के ग्राम झूनकारी में पिछले एक सप्ताह से घरों की बिजली काटे जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। पूरे गांव के लोगों ने सरपंच गुलाबराव इवने और जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाडे के साथ कलेक्टर से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया और जिन लोगों ने बिजली बिल जमा कर दिया है, उनकी तुरंत बिजली चालू कराने की मांग की।
ग्राम के अंबादास पिपरदे सहित ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कई लोगों ने पूरा बिजली बिल जमा कर दिया है और कुछ लोगों ने आधा बिल भी जमा कर दिया है, इसके बावजूद बिजली कंपनी के अधिकारियों ने पूरे गांव की बिजली काट दी। इसके कारण पिछले एक सप्ताह से ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं और गर्मी के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण दिलीप कुमरे ने कहा कि जिन लोगों का बिल जमा है उनकी बिजली तुरंत चालू की जानी चाहिए, लेकिन बिल जमा होने के बाद भी अधिकारियों ने बिजली काट कर अन्याय किया है। कलेक्टर के कहने पर ग्रामीणों ने बिजली कंपनी के महाप्रबंधक बघेल से भी मुलाकात कर समस्या बताई, लेकिन महाप्रबंधक ने साफ कहा कि जब तक पूरे गांव का बिल जमा नहीं होगा तब तक बिजली चालू नहीं की जाएगी।
अंबादास पिपरदे ने बताया कि गांव में अधिकतर लोग गरीब और मजदूरी करने वाले हैं। कई लोगों ने आधा बिल जमा कर दिया है और बाकी बिल भी जमा हो जाएगा, लेकिन अभी गर्मी के समय बिजली बंद होने से लोग परेशान हैं। उन्होंने मानवीय आधार पर जिन लोगों ने बिल जमा किया है उनकी बिजली चालू करने की मांग की, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
सरपंच गुलाबराव इवने ने कहा कि गांव में छोटे-छोटे बच्चे हैं, रात में अंधेरा रहने से बच्चे रोते हैं और गांव जंगल से लगा होने के कारण जंगली जानवरों का भी खतरा बना रहता है। गांव में अधिकतर गरीब, मजदूर और आदिवासी परिवार रहते हैं, ऐसे में पूरे गांव की बिजली काटना अन्याय और अत्याचार है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले महीने गांव में शिविर लगाकर तीन से चार लाख रुपये तक का बिजली बिल जमा कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद बिजली चालू नहीं की गई। अब ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि जिन लोगों ने बिल जमा कर दिया है उनकी बिजली तुरंत चालू कराई जाए और पूरे गांव की बिजली कटौती का समाधान किया जाए।
इस दौरान सरपंच गुलाबराव इवने, रमेश गव्हाडे, रामभाऊ धुर्वे, सोमदास पंद्राम, दिलीप धुर्वे, शंकर परते, शिवकला उइके, निर्मला उइके, रोहित मोरोपे, सुमंत पंद्राम, मनीराम खुसराम, धनराज धुर्वे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।



