क्राइमहजारीबाग

हजारीबाग में तंत्र-मंत्र के नाम पर मासूम की बली

अवैध संबंध और अंधविश्वास का खौफनाक खेल।

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।

हजारीबाग। जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अतंर्गत ग्राम कुसुम्भा में दिनांक 24/25 मार्च को मंगला जुलूस की रात्रि एक नाबालिक बच्ची का निर्मम हत्या की घटना कारित की गई थी जिसमें गठित एस.आई.टी. टीम / पुलिस बल के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल सभी अपराधकर्मियों को गिरफ्तार किया गया। 25 मार्च को समय सुबह 08.30 बजे विष्णुगढ़ थाना को सूचना प्राप्त हुई कि कुसुम्बा ग्राम के मिडिल स्कूल के पीछे मैदान में बांस झाड़ी के पास एक बच्ची का शव पड़ा हुआ है जो बिते रात गत 24 मार्च को मंगला जुलूस से गायब थी। इस संबंध में वादिनी रेशमी देवी (उम्र करीब 35 वर्ष) पति बिनोद सिंह, सा० कुसुम्बा, थाना विष्णुगढ़, जिला हजारीबाग के लिखित आवेदन के आधार पर धनेश्वर पासवान एवं अन्य अज्ञात के विरूद्ध इनकी नाबालिग बेटी (उम्र 13 वर्ष) की बलात्कर कर हत्या करने के संबंध में विष्णुगढ़ थाना में मामला को दर्ज किया गया था। मामला को गंभीरता से लेते हुए। त्वरित उदभेदन एवं काण्ड में संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड, राँची एवं पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग द्वारा गत 26 मार्च को नागरगोजे शुभम भाउसाहेब (भा०पु० से०) के नेतृत्व में एसआईटी टीम का गठन किया गया। गठित एसआईटी टीम द्वारा काण्ड के अनुसंधान के क्रम में तकनिकी साक्ष्य एवं आसूचना संकलन कर काण्ड में संदेह के आधार पर भीम राम, मृतिका के परिजनों तथा कुसुम्बा गाँव की शान्ति देवी उर्फ भगतिनी (उम्र करीब 55 वर्ष) पति स्व० ईश्वर ठाकुर से काण्ड के अनुसंधान में अब-तक आये तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ करने पर शान्ति देवी उर्फ भगतिनी द्वारा बताया गया कि मृतिका की माँ पिछले एक वर्ष से अपने बेटा सुधीर कुमार सिंह के शारीरिक एवं मानसिक परेशानी को लेकर कई बार इनके पास आते रहती थी तथा अन्य व्यक्तिगत समस्याओं जैसे की भूमि विवाद के लिए भी भगतिनी के पास जाती थी। पूर्व में भगतिनी द्वारा इनके घर को तंत्र मंत्र से बांधा भी गया था। भगतिनी द्वारा मृतिका की माँ को बताया गया था कि बेटा की शारिरीक एवं मानसिक परेशानी को हमेशा के लिए दुर करने के लिए किसी कुँवारी लड़की की बली देनी होगी तथा ये भी बताया कि तुम्हारी छोटी बेटी पर माता सवार रहती है, इसका बली देना अच्छा होगा तो इस पर मृतिका की माँ तैयार हो गयी। मृतिका की माँ पिछले तीन महीनों से कई बार भगतिनी के पास आयी थी लेकिन भगतिनी इसके लिए इस बार रामनवमी पर्व के अष्टमी के दिन अपनी कुँवारी लड़की को पूजा के लिए साथ लाने के लिए बोली थी। भगतिनी द्वारा बताया गया की मंगला जुलूस (अष्टमी) के दिन दिनांक गत 24 मार्च को संध्या समय करीब 07.00 बजे मृतिका की माँ रेशमी देवी अपने तीनों बच्चों को लेकर मंगला जुलूस में शामिल हुई थी और करीब 7-8 बजे अपनी छोटी बेटी (मृतिका) को साथ लेकर पूजा कराने के लिए भगतिनी के घर आयी थी लेकिन भगतिनी के द्वारा बताया गया कि मुझपर रात्रि 09.00 बजे के बाद अच्छा नक्षत्र में देवास आयेगा तो उसी समय एक अन्य पुरूष के साथ छोटी बेटी को लाने की बात बोली थी चूँकि बलि देने के समय धर-पकड़ करने करने लिए आदमी की जरूरत होती है। इसके बाद भगतिनी द्वारा बताये गये तय समय करीब 09.30 बजे मृतिका की माँ गाँव के भीम राम के साथ मृतिका को लेकर भगतिनी के घर आयी और पूजा के लिए 251/- रू0 देना था लेकिन मृतिका कि माँ भगतिनी को मात्र 20/- रू0 दी थी। उसके बाद भगतिनी के घर में स्थित मनसा मंदिर में विधिवत तंत्र मंत्र से बच्ची को बैठकार पूजा प्रारम्भ की तथा बच्ची को सिंदूर का टीका एवं काजल वैगरह लगाया गया तथा प्रसाद के रूप में ईलायचीदाना खिलाया गया। इसके बाद भगतिनी के द्वारा अपने भूत बांधने का स्थान बांसवाड़ी में भीम राम एवं रेशमी देवी मृतिका को साथ लेकर गयी जहाँ पर मृतिका को बैठाया गया एवं उसे जमीन पर सोने के लिए बोला गया। कर्म कांड प्रारम्भ करने से पहले भीम राम और रेशमी देवी के द्वारा पूर्व से लाये एक बोरा का सफेद रंग का अंदर का प्लास्टिक को नीचे जमीन पर बिछा दिया गया और उसी पर मृतिका को सुला दिया गया।। भगतिनी के हाथ में बांस का कॉलिंग स्टीक था जिसे भगतिनी के द्वारा मृतिका के शरीर पर लेटी अवस्था में चारों तरफ घुमाया गया और बोला गया कि मुझपर देवास आ गया है हमको इस कुँवारी लड़की का खून चाहिए। इसी पर भीम राम द्वारा बच्ची का गला घोंट दिया गया और छटपटाने पर मृतिका की माँ द्वारा उसका दोनो पैर को पकड़ लिया गया। जब उन्हे लगा की बच्ची का मृत्यु हो गयी है तब भगतिनी के द्वारा कॉलिंग स्टीक उसके शरीर पर चारों तरफ घुमाया गया और भगतिनी के इशारे पर उसकी माँ के द्वारा पैंट को कमर से नीचे जांघ तक घिसका दिया गया तथा भगतिनी के द्वारा मंत्र पढ़ते हुए कॉलिंग स्टीक को उसके गुप्तांग में जबरदस्ती प्रवेश करा दिया गया। साथ ही भगतिनी के बोलने पर भीम राम के द्वारा पूजा के लिए खून हेतु अपने साथ लाये पत्थर से सिर पर मारने लगा जिससे सिर फट गया और चेहरा खून से लथपथ हो गया। उसी खून से भगतिनी के द्वारा मृत शरीर पर खून से पुताई करते हुए पूजा किया गया एवं खून को अंजूली में भगतिनी के द्वारा ले जाकर अपने मनसा मंदिर के पूजा स्थल पर छिड़का गया था। गिरफ्तारी में से (1) भीम राम (उम्र करीब 45 वर्ष) पिता स्व० छेदी भुईयाँ (2) रेशमी देवी (उम्र करीब 35 वर्ष) पति बिनोद कुमार सिंह (3) शान्ति देवी उर्फ भगतिनी (उम्र करीब 55 वर्ष) पति स्व० ईश्वर ठाकुर तीनों सा० कुसुम्बा, थाना बिष्णुगढ़, जिला हजारीबाग के रशन वाले हैं। इस छापामारी दल में मुख्य रूप से नागरगोजे शुभम भाउसाहेब (भा०पु० से०) बैद्यनाथ प्रसाद,अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, विष्णुगढ़ अनुभव भारद्वाज, परि० पुलिस उपाधीक्षक, हजारीबाग प्रशांत कुमार, परि० पुलिस उपाधीक्षक, हजारीबाग सपन कुमार महथा, पु०नि० सह थाना प्रभारी, विष्णुगढ़ विन्ध्यवासिनी कुमारी सिन्हा, थाना प्रभारी, महिला थाना सदर, हजारीबाग। मो0 इकबाल हुसैन, थाना प्रभारी, दारू थाना इन्द्रजीत कुमार, थाना प्रभारी टाटीझरिया। दशरथ महतो, पु०अ०नि० विष्णुगढ़ थाना। दीपक कुमार सिंह, थाना प्रभारी, बड़कागाँव मुकेश कुमार सिंह, पु०अ०नि० सदर थाना, हजारीबाग। कुणाल किशोर, तकनिकी शाखा शामिल थे।

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