अंतरराष्ट्रीय

ईरान का पलटवार: वर की पाषण युग वाली धमकी पर कहा

250 साल के इतिहास वाला देश 6000 साल पुरानी सभ्यता को धमका रहा

तेहरान। ईरानी सैन्य जनरल सैयद मजीद मूसावी ने अमेरिका की ‘पाषाण युग’ में वापस भेजने वाली धमकी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका खुद अपने सैनिकों कब्र में भेज रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ढाई सौ साल के इतिहास वाला देश 6,000 साल पुरानी सभ्यता को धमकी देकर भ्रम में जी रहा है। पढ़िए रिपोर्ट-
ईरान के एक सैन्य कमांडर ने अमेरिका की उस चेतावनी पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने तेहरान को ‘पाषाण युग’ में पहुचांने की बात कही थी। उन्होंने कहा, अमेरिका अपने ही सैनिकों को कब्रों में भेज रहा है। सैन्य कमांडर ने यह भी कहा कि 250 साल के इतिहास वाला देश 6,000 साल पुरानी सभ्यता को धमकी दे रहा है, जो पूरी तरह भ्रम में जीने जैसा है।
ब्रिगेडियर जनरल सैयद मजीद मूसावी ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की एयरोस्पेस फोर्स के प्रमुख हैं। एयरोस्पेस फोर्स को ‘सेपाह’ भी कहा जा जाता है। उन्होंने ‘एक्स’ पर अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की पोस्ट का जवाब देते हुए कहा, ‘अपने सैनिकों को आप कब्र में भेज रहे हैं, ईरान नहीं। आप ईरान को पाषाण युग में ले जाने की बात कर रहे हैं। हॉलीवुड की कल्पनाओं ने आपके दिमाग को इतना प्रभावित किया है कि 250 साल के छोटे से इतिहास के साथ आप 6,000 साल पुरानी सभ्यता को धमकी दे रहे हैं।’
हेगसेथ और ट्रंप ने क्या कहा था?
हेगसेथ ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा था, पाषाण युग में वापसी। उनकी यह पोस्ट तब आई थी, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को पाषाण युग में पहुंचाने की धमकी दी।
ट्रंप ने एक्स पर लिखा, ईरान के नए शासन के राष्ट्रपति, जो पहले से कम कट्टर और ज्यादा समझदार हैं, उन्होंने अमेरिका से युद्धविराम का अनुरोध किया है। हम इस पर तब विचार करेंगे जब होर्मुज जलडमरूमध्य खुला, स्वतंत्र और सुरक्षित होगा। तब तक हम ईरान को पूरी तरह तबाह कर देंगे या जैसा कहा जाता है, उसे पाषाण युग में वापस भेज देंगे।
अमेरिका और इस्राइल के हमलों से शुरू हुई जंग-पश्चिम एशिया में संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल के ईरान पर हवाई हमलों से शुरू हुआ था। जंग अब पांचवें हफ्ते में प्रवेश कर चुकी है। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी।
इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगियों की संपत्तियों पर हमले किए। तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही भी रोकी है, जो दुनिया के लगभग 20 फीसदी तेल और गैस आपूर्ति का मुख्य मार्ग है। इस नाकेबंदी से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं और भारत और चीन जैसे बड़े बाजारों में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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