
नई दिल्ली : केरल विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोझिकोड में एक विशाल रोड शो कर शक्ति प्रदर्शन किया और राज्य में बदलाव की लहर का दावा किया। बीजेपी का लक्ष्य पारंपरिक रूप से छऊऋ और वऊऋ के बीच बंटी केरल की राजनीति में एक मजबूत तीसरा विकल्प बनकर उभरना है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को केरलम के कोझिकोड में एक विशाल रोड शो के जरिए अपनी ताकत दिखाई। बेयपोर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में उनके साथ बीजेपी उम्मीदवार एडवोकेट के. पी. प्रकाश बाबू और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
रोड शो के दौरान समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी, जिसे संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि केरल की जनता अब एक मजबूत विकल्प और बेहतर शासन चाहती है। उन्होंने लोगों से राज्य के विकास और सुरक्षा के लिए बीजेपी-एनडीए के पक्ष में मतदान करने की अपील की।
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को केरल के बीजेपी बूथ कार्यकतार्ओं के साथ वर्चुअल संवाद किया। उन्होंने कार्यकतार्ओं में जोश भरते हुए कहा कि इस बार केरल सिर्फ नई सरकार नहीं, बल्कि एक नई व्यवस्था चुनने जा रहा है। पीएम ने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए केरल के खिलाड़ी संजू सैमसन का जिक्र किया और कहा कि जैसे सैमसन बड़े मैचों में अपनी पूरी ताकत लगा देते हैं, वैसे ही कार्यकतार्ओं को मतदान के दिन हर घर तक पहुंच कर पूरी मेहनत करनी है।
पीएम मोदी ने यूडीएफ और एलडीएफ पर निशाना साधते हुए कहा कि तिरुवनंतपुरम के हालिया नतीजों ने इस पुरानी धारणा को तोड़ दिया है कि यहां केवल इन दो गठबंधनों के बीच ही सत्ता बदलती रहेगी। उन्होंने दावा किया कि जनता अब इन दोनों दलों की ‘लूट’ से थक चुकी है और इस बार बीजेपी-एनडीए के पक्ष में एक मजबूत लहर दिखाई दे रही है।
9 अप्रैल को होगा मतदान-केरल की 140 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल 2026 को मतदान होना है। राज्य का सियासी इतिहास देखें तो यहां लंबे समय तक वामपंथी गठबंधन और कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच ही सत्ता की अदला-बदली होती रही है। हालांकि, 2021 में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व में एलडीएफ ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर दशकों पुरानी परंपरा को बदल दिया था। अब बीजेपी इस द्विपक्षीय मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की पूरी कोशिश कर रही है।



