
नई दिल्ली : बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह करीब 8:00 बजे जब एपा मिनी डेज नाम का यह कंटेनरशिप हॉर्न स्टेट को पार करने की कोशिश कर रहा था। तभी अचानक ईरान की आईआरजीसी ने इस जहाज को निशाना बनाया। पहले चेतावनी दी गई और फिर फायरिंग शुरू हो गई। समुंदर के बीच गोलियों की आवाज जहाज पर 21 लोगों के लिए वह पल किसी डरावने सपने से कम नहीं था।
अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच ईरान ने भारत आ रहे एक कंटेनर जहाज को रोक लिया। इतना ही नहीं फायरिंग के बाद इस जहाज को अपने कब्जे में भी ईरान ने ले लिया और इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस जहाज पर भारत का एक नागरिक मौजूद है। एक नाटकीय फुटेज जारी किया है। इस फुटेज में कथित तौर पर दिखाया गया है कि कैसे नकाबपोश कमांडो ने जहाजों का पीछा किया, उन पर चढ़ गए और आखिरकार उन्हें जब्त कर लिया। हॉलीवुड की किसी एक्शन थ्रिलर फिल्म जैसा लगने वाला यह प्रोपेगैंडा वीडियो, अमेरिकी मरीन द्वारा दो ईरानी झंडे वाले मालवाहक जहाजों पर चढ़कर उन्हें जब्त करने के कुछ दिनों बाद आया है। उन जहाजों ने होर्मुज में लगी नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश की थी।
बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह करीब 8:00 बजे जब एपा मिनी डेज नाम का यह कंटेनरशिप हॉर्न स्टेट को पार करने की कोशिश कर रहा था। तभी अचानक ईरान की आईआरजीसी ने इस जहाज को निशाना बनाया। पहले चेतावनी दी गई और फिर फायरिंग शुरू हो गई। समुंदर के बीच गोलियों की आवाज जहाज पर 21 लोगों के लिए वह पल किसी डरावने सपने से कम नहीं था। वॉइस कैप्टन संजय महान ने अपने वीडियो में बताया कि जैसे ही फायरिंग शुरू हुई सभी क्रू मेंबर तुरंत जहाज के अंदर चले गए और खुद को सुरक्षित करने की कोशिश की। अब आपको बताते हैं इस जहाज के बारे में। इस कंटेनरशिप का नाम है एपा मिनोडेस। यह लाइबेरिया के झंडे वाला एक कमर्शियल कारगो जहाज है। यह जहाज सऊदी अरब से भारत के गुजरात स्थित मुंद्रा पोर्ट की ओर आ रहा था।
यानी यह एक सामान्य व्यापारिक यात्रा थी। लेकिन अचानक यह अंतरराष्ट्रीय विवाद का हिस्सा बन गई। जहाज पर कुल 21 लोग सवार हैं और इनमें वॉइस कैप्टन संजय महर भारत से हैं। बाकी क्रू मेंबर फिलीपींस, यूक्रेन और श्रीलंका के नागरिक हैं। यानी यह एक मल्टीीनेशनल क्रू है जो अब ईरान के कब्जे में है। हालांकि अभी तक किसी के घायल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन हालात तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं।
ईरान के सैनिकों ने भारतीय जहाज पर कब्जा कैसे किया?
इस नाटकीय वीडियो में ईरानी सैनिक स्पीडबोट्स में सवार होकर मालवाहक जहाजों की ओर बढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो ट्रंप के उन बार-बार किए गए दावों के बिल्कुल विपरीत है, जिनमें उन्होंने कहा था कि युद्ध के दौरान ईरानी नौसेना पूरी तरह से तबाह हो गई थी। हालाँकि, अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि इन जहाजों पर कब्जा करने के पीछे ईरान का मच्छर बेड़ा था यानी छोटी, तेज रफ़्तार वाली और जिनका पता लगाना मुश्किल होता है, ऐसी नावें जिन्हें शक्तिशाली कफॠउ द्वारा संचालित किया जाता है। इसके बाद वीडियो में नकाब पहने ईरानी सैनिक, जिनके पास राइफलें हैं, एक सीढ़ी के सहारे ऊपर चढ़ते और टरउ ऋ१ंल्लूी२ूं पर सवार होते दिखाई देते हैं।
एस्रें्रल्लङ्मल्लंि२ पर सवार, नकाबपोश कमांडो राइफलों के साथ तलाशी लेते और इंजन रूम में दाखिल होते नजर आते हैं। फिर विजुअल्स में सैनिकों को जहाज के ऊपरी डेक पर चढ़ते हुए दिखाया गया है। भारत की ओर जा रहे जहाज एस्रें्रल्लङ्मल्लंि२ के ‘ब्रिज’ (केंद्रीय कमांड सेंटर) को तब नुकसान पहुँचा, जब ईरानी सैनिकों ने अपनी स्पीडबोट से गोलीबारी की और ग्रेनेड फेंके। हालाँकि, जहाज के क्रू को कोई चोट नहीं आई। टरउ ऋ१ंल्लूी२ूं, जो ईरान के तट से लगभग छह मील दूर था, उस पर भी जोरदार गोलीबारी हुई।



