नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
ललितपुर। स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बार अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर टोडी में तैनात एक सीएचओ ने बार चिकित्सा अधीक्षक पर अभद्रता, मानसिक उत्पीडऩ, रिश्वत मांगने और छेड़छाड़ के प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा है। पीडि़ता ने बताया कि उनका चयन संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से मेडिकल कॉलेज झांसी में स्टाफ नर्स पद पर हो गया है। इसके लिए उन्हें सीएचसी बार से कार्यमुक्त होना था। आरोप है कि 1 अप्रैल 2026 को जब वह कार्यमुक्त होने के लिए अधीक्षक के पास पहुंचीं, तो उन्हें पूरे दिन बैठाए रखा गया और रिलीव नहीं किया गया। पीडि़ता का आरोप है कि कार्यमुक्त करने के एवज में कथित तौर पर उनसे पैसों की मांग की गई, जिसे उन्होंने रुपये दे दिए, लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें रिलीव नहीं किया गया। आरोप के मुताबिक, इसी दौरान अधीक्षक ने आपत्तिजनक टिप्पणी की। यह सुनकर वह वहां से चली गईं और सीएमओ कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत की। पीडि़ता ने जिलाधिकारी से मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
स्वास्थ्य केन्द्र की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बार की कार्यप्रणाली को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। आरोप है कि अधीक्षक झांसी में निवास करते हैं और सप्ताह में केवल एक दिन ही केन्द्र पर आते हैं। उनके अनुपस्थित रहने से कर्मचारी मनमानी करते हैं। बताया गया कि अधीक्षक पूर्व में भी विवादों में रहे हैं। जनपद महोबा में उन्हें दो वर्ष जेल में रहना पड़ा था, जबकि ललितपुर के तालबेहट में भी उन पर छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधीक्षक की अनुपस्थिति के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही है।



