ललितपुर
गौ माता की रक्षा और राष्ट्रमाता के सम्मान हेतु अधिवक्ताओं ने उठाई आवाज
जिला बार भवन में हुआ वृहद हस्ताक्षर अभियान
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
ललितपुर। गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने और उनके संरक्षण हेतु चलाए जा रहे गौ सम्मान आह्वान अभियान ने अब विधिक जगत में भी अपनी पैठ बना ली है। इसी क्रम में जिला बार भवन में अधिवक्ताओं के बीच एक विशाल हस्ताक्षर अभियान और शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अभियान का नेतृत्व कर रहे अधिवक्ता गौपुत्र मनीष दुबे द्वारा जिला बार भवन में उपस्थित सभी अधिवक्ताओं को गौ माता की रक्षा और उनके सम्मान हेतु संकल्प दिलाया गया। इस दौरान मनीष दुबे ने कहा कि गौ सेवा केवल धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने पोर्टल गौसम्मान क्लाउड के माध्यम से लोगों को इस मुहिम से जुडऩे का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश घोष ने अपने ओजस्वी वक्तव्य से उपस्थित अधिवक्ताओं को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि कानून और समाज दोनों में गौ माता का स्थान सर्वोपरि होना चाहिए। वरिष्ठ अधिवक्ता शरद चौबे ने भी अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस हस्ताक्षर अभियान का उद्देश्य सरकार तक जन-जन की आवाज पहुँचाना है ताकि गौ माता को उचित संवैधानिक सम्मान मिल सके। इस पुनीत कार्य में जनपद के वरिष्ठ और युवा अधिवक्ताओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। हस्ताक्षर करने वालों और समर्थन देने वालों में मुख्य रूप से वरिष्ठ अधिवक्ता ओमप्रकाश घोष, एड.शरद चौबे, महेंद्र जैन झब्बू, एड.अजय राजपूत, एड. परशुराम उदेनिया, एड.आनंद चतुर्वेदी, एड.गौरव जैन, एड. दीपक राजपूत, एड. रविन्द्र घोष, एड. शशिकांत राजपूत, एड. पुष्पेंद्र सिंह चौहान, एड.मुकेश कुमार कटारे, एड.शैलेन्द्र सिंह बुंदेला, विकास त्रिपाठी, आकाश झा, शंकरलाल कुशवाहा, विजय नारायण गोस्वामी, कमलेश गुप्ता, अंकित जैन, जुबैद खान, हरिराम राजपूत, मनोज कुमार, हरदेव निरंजन, एड.मनीष राठौर सहित अनेक प्रबुद्धजनों ने हस्ताक्षर कर गौ माता की रक्षा का संकल्प लिया। अभियान के अंत में जानकारी दी गई कि जो लोग व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके, वह वेबसाइट गौसम्मान क्लाउड पर जाकर डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से इस राष्ट्रव्यापी मुहिम का हिस्सा बन सकते हैं। जिला बार भवन में हुए इस सफल आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गौ रक्षा के मुद्दे पर समाज का प्रबुद्ध वर्ग पूरी तरह लामबंद है।



