
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : मंडोला, गाजियाबाद से प्रभावित किसानों ने अपने लंबित मुद्दों को लेकर आंदोलन तेज करने के संकेत दिए हैं। 17 अप्रैल को ये किसान सिसौली (मुजफ्फरनगर) में आयोजित मासिक पंचायत में शामिल हुए, जहां उन्होंने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत को अपनी समस्याओं से अवगत कराया।
किसानों का आरोप है कि आवास विकास परिषद के अधिकारी बातचीत का रास्ता छोड़कर आंदोलन को खत्म करने के लिए दबाव बना रहे हैं और फर्जी मुकदमों के जरिए उन्हें परेशान किया जा रहा है।
किसानों ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम 2013 के तहत सभी लाभ दिए जाएं। साथ ही विकसित प्लॉट में 10% कटौती के अनुरूप 10% मिश्रित भू-उपयोग के साथ भूखंड दिए जाएं। उन्होंने 1981-82 में ग्राम पंचायत मंडोला द्वारा गरीब परिवारों को दिए गए आवासीय प्लॉटों को अर्जन से मुक्त करने, आबादी क्षेत्र की भूमि को अधिग्रहण से बाहर रखने तथा डिग्री और इंटर कॉलेज की भूमि को भी छोड़े जाने की मांग रखी।
किसानों का कहना है कि पिछले 10 वर्षों से आंदोलन जारी है, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है। आरोप है कि अधिकारी समाधान निकालने के बजाय आंदोलन को खत्म करने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि पिछले वर्ष आयोजित पंचायत में अधिकारियों ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
किसानों की समस्याओं के समाधान में देरी पर नाराजगी जताते हुए टिकैत ने 27 मई को गाजियाबाद जिला कलेक्ट्रेट पर 72 घंटे की किसान पंचायत आयोजित करने की घोषणा की।
इस दौरान मंडोला किसान आंदोलन के संयोजक मास्टर महेंद्र सिंह त्यागी, बिल्लू प्रधान, नीरज त्यागी, राजबीर त्यागी, राजन त्यागी, सुगम त्यागी और गौरव भगत सहित कई किसान नेता उपस्थित रहे।




